बदायूं के सपा कोषाध्यक्ष रचित गुप्ता 218 करोड़ की GST चोरी मामले में जेल भेजे गए

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बदायूं। जनपद के चर्चित 218 करोड़ रुपये की जीएसटी (GST) चोरी के मामले में समाजवादी पार्टी के जिला कोषाध्यक्ष रचित गुप्ता को मेरठ की अदालत में पेश किए जाने के बाद न्यायिक हिरासत में मेरठ जेल भेज दिया गया। केंद्रीय जीएसटी (CGST) की मेरठ टीम ने उन्हें कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेजने के आदेश जारी किए गए।जानकारी के अनुसार, मेरठ की केंद्रीय जीएसटी टीम ने कुछ दिन पहले बदायूं शहर में आवास विकास कालोनी स्थित रचित गुप्ता के प्रतिष्ठानों व आवास पर छापेमारी की थी। जांच में बड़े पैमाने पर कर चोरी के आरोप सामने आने के बाद मामला केंद्रीय जीएसटी के अधिकार क्षेत्र में चला गया। बताया जा रहा है कि कर चोरी की राशि दो करोड़ रुपये से अधिक होने के कारण केंद्रीय एजेंसी ने जांच अपने हाथ में ली, जबकि पूरे मामले में करीब 218 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी की जांच की जा रही है।सूत्रों के मुताबिक, छापेमारी के दौरान रचित गुप्ता के परिसर में चाय और मसालों के कारोबार के साथ-साथ नकली गुटखा बनाने का सामान भी बरामद हुआ। यह भी दावा किया जा रहा है कि मौके पर गुटखा बनाने की फैक्ट्री संचालित हो रही थी, जिसका वीडियो भी सामने आया है। हालांकि, इस संबंध में जांच एजेंसियों की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है।

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रचित गुप्ता का राजनीतिक और कारोबारी दोनों क्षेत्रों से जुड़ाव रहा है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने दातागंज विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था। इसके बाद लोकसभा चुनाव के दौरान वह समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए और वर्तमान में पार्टी के जिला कोषाध्यक्ष हैं।सूत्रों के अनुसार, रचित गुप्ता का पेट्रोल पंप समेत कई अन्य कारोबारों से भी जुड़ाव बताया जा रहा है। फिलहाल केंद्रीय जीएसटी की जांच जारी है और आने वाले दिनों में मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।आपको बता दे कि रचित गुप्ता के सपा जिला कोषाध्यक्ष मनोनीत होने और शहर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की दावेदारी ठोकने के बाद से उन पर कानूनी शिकंजा कस गया है। पहले उनके स्कूल की मान्यता रद्द हुई फिर उनके घर पर जीएसटी की छापेमारी औऱ उसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। उनके परिजन औऱ सपा नेता इस मामले राजनीतिक दृष्टिकोण से भी देख रहे है।

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