आपातकाल में लोकतंत्र की मशाल जलाने वाले सेनानियों का सम्मान, स्वतंत्रता सेनानी का दर्जा देने की उठी मांग
बरेली। अखिल भारतीय साहित्य परिषद ब्रज प्रांत, बरेली एवं संकल्प सामाजिक एवं साहित्यिक संस्था के संयुक्त तत्वावधान में प्रभात नगर स्थित प्रांतीय संयुक्त महामंत्री निरुपमा अग्रवाल के आवास पर सम्मान समारोह एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोकतंत्र रक्षक सेनानियों को सम्मानित किया गया तथा उन्हें स्वतंत्रता सेनानियों का दर्जा दिए जाने की मांग उठाई गई।कार्यक्रम की अध्यक्षता साहित्य परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. सुरेश बाबू मिश्रा ने की, जबकि संचालन जनपदीय अध्यक्ष डॉ. व्रजेश कुमार शर्मा ने किया।मुख्य वक्ता लोकतंत्र सेनानी विनोद कुमार गुप्ता ने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय था। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 25 जून 1975 की मध्यरात्रि को आपातकाल लागू कर संवैधानिक अधिकारों का दमन किया।लोकतंत्र रक्षक सेनानी वीरेन्द्र अटल ने कहा कि आपातकाल लागू होते ही विपक्षी नेताओं, सामाजिक व धार्मिक संगठनों के पदाधिकारियों, संघ के स्वयंसेवकों तथा मजदूर संगठनों के कार्यकर्ताओं को मीसा और डीआईआर के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। उन्होंने अपने साथ हुई अमानवीय यातनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि तत्कालीन पुलिस अधिकारियों द्वारा उनके हाथों के सभी नाखून प्लास से उखाड़ दिए गए थे।
अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. सुरेश बाबू मिश्रा ने कहा कि आपातकाल के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को जेलों में बंद किया गया, लेकिन कठिन परिस्थितियों के बावजूद हजारों युवाओं ने लोकतंत्र की बहाली के लिए सत्याग्रह किया और जेल गए। उन्होंने कहा कि इन्हीं लोकतंत्र रक्षकों के संघर्ष और बलिदान के कारण आज देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था सुरक्षित है। उन्होंने लोकतंत्र रक्षक सेनानियों को स्वतंत्रता सेनानियों का दर्जा देने की मांग की।गोष्ठी में डॉ. ओम प्रकाश गुप्ता, राम प्रकाश शर्मा, अरुण कुमार, डॉ. व्रजेश कुमार शर्मा, रोहित राकेश, निरुपमा अग्रवाल एवं सरदार गुरविंदर सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए।कार्यक्रम का शुभारंभ मोहन चंद्र पाण्डेय द्वारा सरस्वती वंदना तथा उमेश चंद्र गुप्ता द्वारा अभिनंदन गीत की प्रस्तुति से हुआ।इस अवसर पर वीरेन्द्र अटल, सुमंत माहेश्वरी, राजेन्द्र कनौजिया, सुन्दर लाल, अरुण कुमार, राम प्रकाश शर्मा, डॉ. ओम प्रकाश गुप्ता, विनोद कुमार गुप्ता एवं डॉ. सुरेश बाबू मिश्रा सहित नौ लोकतंत्र रक्षक सेनानियों को माल्यार्पण, पटका, स्मृति चिह्न एवं ‘लोकतंत्र गौरव सम्मान’ प्रदान कर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में उमेश चंद्र गुप्ता, एस.के. कपूर, विमलेश चंद्र दीक्षित, डॉ. अखिलेश कुमार गुप्ता, मोहन चंद्र पाण्डेय, प्रवीण कुमार शर्मा, संजीव शंखधार, प्रमोद कुमार मिश्रा, अशोक सूरी, गंगाराम पाल, डॉ. राजेश सक्सेना, कुलदीप वर्मा, रितेश साहनी, आभा कुमारी सहित अनेक साहित्यकार एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अंत में जनपदीय मंत्री विमलेश चंद्र दीक्षित ने सभी का आभार व्यक्त किया।















































































