बदायूं – पूर्णिमा के पावन अवसर पर गीता मंदिर में भगवान जगन्नाथ जी का विधि-विधान से भव्य अभिषेक एवं स्नान उत्सव श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन जगन्नाथ मंदिर की प्रसिद्ध “स्नान यात्रा” परंपरा से प्रेरित थाधार्मिक मान्यता के अनुसार पूर्णिमा के दिन पुरी में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र एवं सुभद्रा जी का 108 कलशों के पवित्र जल से अभिषेक किया जाता है। इस दिव्य स्नान के बाद भगवान 15 दिनों तक विश्राम करते हैं, इस अवधि में भगवान के दर्शन बंद रहते हैं तथा उनकी विशेष सेवा एवं उपचार किया जाता है। इसके पश्चात भगवान नवयौवन स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं और आगे चलकर विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा का आयोजन होता है।गीता मंदिर में आयोजित इस विशेष अनुष्ठान में वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन एवं पूजा-अर्चना के मध्य भगवान का अभिषेक किया गया। श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा तथा भाव से विधि विधान के अनुसार भगवान जगन्नाथ जी का स्नान उत्सव तथा अभिषेक संपन्न कर भगवान जगन्नाथ जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे मंदिर परिसर में भक्ति एवं उत्साह का वातावरण बना रहा। मंदिर प्रबंधक मनोज रस्तोगी एवं अमित रस्तोगी ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सनातन संस्कृति एवं भगवान जगन्नाथ जी की प्राचीन परंपराओं से जोड़ना है। कार्यक्रम के अंत में महाआरती एवं प्रसाद वितरण किया गया। अनुष्ठान में संजय रस्तोगी, डौली रस्तोगी, नितिन रस्तोगी, हर्षिता रस्तोगी ,साधना रस्तोगी, मनोज रस्तोगी ,दीपिका रस्तोगी ,अमित रस्तोगी ,दीप्ति रस्तोगी, दीपांक रस्तोगी, सुमित सक्सेना, शिखा सक्सेना, रोजी रस्तोगीइत्यादि श्रद्धालु उपस्थित रहे। अंत में देश और समाज की सुख समृद्धि की कामना के साथ अनुष्ठान संपन्न हुआ।