उझानी में जगद्गुरु शंकराचार्य ने’राष्ट्रीय माता’ घोषित करने के लिए मांगा जनसमर्थन, बोले— हर गांव-हर घर तक पहुंचेगा गोसंरक्षण का संकल्प
उझानी। जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने शनिवार को उझानी में आयोजित विशाल धर्मसभा के दौरान गोमाता को ‘राष्ट्रीय माता’ घोषित किए जाने की मांग को बुलंद करते हुए देशव्यापी जनसमर्थन का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गोमाता केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि भारत की कृषि, अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और संस्कृति की आधारशिला है। यदि गोमाता सुरक्षित और सम्मानित होगी तो भारत भी समृद्ध और आत्मनिर्भर बनेगा।हाईवे स्थित बैंक्वेट हॉल में आयोजित धर्मसभा में सुबह से ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। शंकराचार्य के आगमन पर संत-समाज, जनप्रतिनिधियों एवं सैकड़ों श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार, पुष्पवर्षा और जयघोष के साथ उनका भव्य स्वागत किया। पूरा परिसर “गोमाता की जय” और “सनातन धर्म की जय” के नारों से गूंज उठा।
धर्मसभा को संबोधित करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि गोमाता को राष्ट्रीय माता का दर्जा दिलाने के लिए पूरे देश में व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है। अब इस अभियान को विधानसभा स्तर तक ले जाया जाएगा, ताकि प्रत्येक गांव और प्रत्येक परिवार तक गोसंरक्षण का संदेश पहुंचे और समाज इस पुनीत कार्य में सक्रिय भागीदारी निभाए।
उन्होंने कहा कि गोसंरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक और सामाजिक दायित्व है। जब तक गांवों में गोवंश सुरक्षित नहीं होगा, तब तक किसान और भारतीय कृषि व्यवस्था भी पूर्ण रूप से सुरक्षित नहीं रह सकती।
शंकराचार्य ने युवाओं से विशेष रूप से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि नई पीढ़ी को गाय के आर्थिक, वैज्ञानिक, कृषि एवं सांस्कृतिक महत्व से अवगत कराना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गोमाता का स्थान सर्वोच्च रहा है और इसे संरक्षित करना राष्ट्रहित का विषय है।धर्मसभा में उपस्थित लोगों ने गोमाता को राष्ट्रीय माता घोषित कराने के अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में पूर्व विधायक हाजी बिट्टन, उदयवीर सिंह शाक्य, सुनील यादव सहित अनेक सामाजिक, धार्मिक एवं राजनीतिक हस्तियां मौजूद रहीं। सभी वक्ताओं ने गोसंरक्षण को राष्ट्रीय आंदोलन बनाने और शंकराचार्य के अभियान को व्यापक जनसमर्थन देने का भरोसा दिलाया।
━━















































































