बदायूं। शिखर इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी (SIOP), में “नशा मुक्त भारत साप्ताह” के अंतर्गत फार्मेसी के छात्रों ने विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से समाज को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया।AKTU के निर्देशानुसार 17-26 जून तक चल रहे “नशा मुक्त भारत अभियान – विकसित भारत की पहचान” थीम पर छात्रों ने जागरूकता रैली, नुक्कड़ नाटक, पोस्टर प्रतियोगिता और शपथ ग्रहण जैसे कार्यक्रम आयोजित किए। रैली के दौरान “नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो” के नारों से पूरे क्षेत्र में संदेश फैलाया गया।संस्थान के प्राचार्य डॉ. उदय प्रताप सिंह भास्कर ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, “नशा एक धीमा जहर है जो युवा शक्ति और राष्ट्र के भविष्य को खोखला कर देता है। फार्मेसी के छात्र होने के नाते आप स्वास्थ्य के प्रहरी हैं। आपका कर्तव्य है कि समाज को नशे के खिलाफ जागरूक करें। नशा मुक्त युवा ही विकसित भारत की पहचान बनेंगे।”कार्यक्रम में * निशा शर्मा, आकाश चंदक एवं * चरणजीत* ने भी अपने-अपने शब्दों में छात्रों को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक व आर्थिक नुकसान के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि एक बार की लत पूरा जीवन बर्बाद कर देती है, इसलिए इससे दूर रहना ही सबसे बड़ी समझदारी है।प्राचार्य एवं फैकल्टी सदस्यों के प्रेरणादायक शब्दों से बच्चों को काफी मार्गदर्शन मिला और छात्रों में नई ऊर्जा का संचार हुआ। सभी ने जीवन में कभी नशा न करने तथा दूसरों को भी जागरूक करने की शपथ ली।कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस अवसर पर संस्थान का समस्त स्टाफ एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।