बदायूं में सीवरेज क्रांति की शुरुआत: 63 करोड़ की योजना का सर्वे शुरू, 45 करोड़ का अत्याधुनिक एसटीपी निर्माणाधीन
बदायूं। शहर की वर्षों पुरानी सीवरेज समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में अब तेजी से कदम बढ़ने लगे हैं। बदायूं को स्वच्छ, सुंदर और आधुनिक शहर बनाने के उद्देश्य से नगर के चार प्रमुख वार्डों में सीवर लाइन बिछाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसी क्रम में मंगलवार को लोटनपुरा वार्ड से सर्वे कार्य का विधिवत शुभारंभ किया गया। सर्वे पूरा होने के बाद सीवर लाइन निर्माण का कार्य प्रारंभ होगा, जिससे हजारों परिवारों को जलभराव, गंदगी और प्रदूषण जैसी समस्याओं से राहत मिलने की उम्मीद है।
शहर में सीवरेज व्यवस्था विकसित कराने के लिए सदर विधायक महेश चन्द्र गुप्ता ने लगातार प्रयास किए। उन्होंने नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर बदायूं में सीवरेज नेटवर्क के अभाव से उत्पन्न गंभीर समस्याओं को प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने बताया था कि शहर का अधिकांश गंदा पानी नालों के माध्यम से सीधे सोत नदी में गिर रहा है, जिससे पर्यावरण प्रदूषण बढ़ रहा है और जनस्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।विधायक के प्रयासों का परिणाम रहा कि अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत लगभग 63.09 करोड़ रुपये लागत की सीवरेज योजना (फेज-1) को राज्य स्तरीय तकनीकी समिति से मंजूरी मिल गई। इस परियोजना के तहत सिविल लाइंस, लोटनपुरा, पनवड़िया और ब्रह्मपुरा सहित चार प्रमुख क्षेत्रों में करीब 30 किलोमीटर लंबा सीवर नेटवर्क विकसित किया जाएगा। वर्तमान में इन क्षेत्रों में सर्वे का कार्य शुरू कर दिया गया है।शहर की सीवरेज व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए शेखपुर में लगभग 45 करोड़ रुपये की लागत से 15 एमएलडी क्षमता का अत्याधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) भी तेजी से निर्माणाधीन है। इस प्लांट को अक्टूबर 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके चालू होने के बाद शहर के गंदे पानी का वैज्ञानिक तरीके से शोधन किया जाएगा और प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा।

पूर्व में एसटीपी निर्माण कार्य का निरीक्षण करते हुए विधायक महेश चन्द्र गुप्ता ने अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता न करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा था कि कार्य निर्धारित समयसीमा से पहले पूरा करने का प्रयास किया जाए तथा लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।विधायक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बदायूं तेजी से विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने बताया कि फेज-1 के अंतर्गत लालपुल नाला एवं काबुलपुरा नाला का इंटरसेप्शन और डायवर्जन कार्य भी कराया जाएगा, जिससे गंदे पानी को सीधे एसटीपी तक पहुंचाया जा सकेगा। इससे सोत नदी को प्रदूषण से बचाने के साथ-साथ भूजल की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के चलते बदायूं में सड़क, बिजली, जल निकासी और अन्य शहरी सुविधाओं के क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास कार्य हो रहे हैं। आने वाले समय में बदायूं प्रदेश के मॉडल शहरों में अपनी अलग पहचान बनाएगा।वर्जन – महेश चन्द्र गुप्ता, सदर विधायक, बदायूं”हमारा लक्ष्य केवल विकास कार्य कराना नहीं, बल्कि बदायूं को एक स्वच्छ, सुंदर और आधुनिक शहर के रूप में स्थापित करना है। सीवर ट्रीटमेंट प्लांट और सीवर लाइन परियोजना शहर के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। आने वाले समय में शहर के प्रत्येक क्षेत्र को बेहतर बुनियादी सुविधाओं से जोड़ा जाएगा और नागरिकों को आधुनिक शहरी सुविधाओं का लाभ मिलेगा।”















































































