बरेली। किसानों की भूमि से जुड़े विवाद को लेकर भारतीय किसान यूनियन (अ) ने शोएब इजहार राष्ट्रीय महा सचिव और मंडल अध्यक्ष ठाकुर श्यामवीर सिंह चौहान के नेतृत्व में कमिश्नर को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। संगठन का आरोप है कि केसर इंटरप्राइजेज लिमिटेड, बहेड़ी ने किसानों की जमीन 35 वर्षों के लिए किराए पर ली थी, लेकिन बाद में तहसील अधिकारियों की कथित मिलीभगत से राजस्व अभिलेखों में किसानों के नाम हटवाकर अपना नाम दर्ज करा लिया। भाकियू (अ) का कहना है कि संबंधित भूमि विवाद मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में अब्दुल मलिक बनाम उत्तर प्रदेश सरकार (वाद संख्या 124/2026) के रूप में विचाराधीन है। इसके बावजूद भूमि की नीलामी कराए जाने की कार्रवाई न्यायालय की अवमानना के समान है। संगठन ने आरोप लगाया कि नीलामी प्रक्रिया में भी अनियमितताएं बरती गईं और बोली की 25 प्रतिशत धनराशि चेक के माध्यम से जमा कराई गई, जबकि राजस्व नियमों एवं न्यायालय के निर्णयों के अनुसार यह राशि नकद जमा होनी चाहिए। किसान नेताओं ने मांग की कि जब तक न्यायालय में लंबित मामले का निस्तारण नहीं हो जाता, तब तक भूमि की नीलामी सहित कोई भी कार्रवाई रोकी जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 14 जून तक दोषी अधिकारियों और संबंधित पक्षों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो 15 जून से अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा। ज्ञापन के दौरान , सूर्य प्रकाश गंगवार, आसिफ खा, तनवीर , अमर सिंह , जहूर खान, राजन आदि मौजूद थे।