बरेली। शहर में दुर्लभ एवं विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों के कथित अवैध कारोबार को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस पार्टी ने जिलाधिकारी बरेली को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। पार्टी नेताओं ने बिहारीपुर ढाल रोड और इस्लामिया इंटर कॉलेज के आसपास खुलेआम पक्षियों की खरीद-फरोख्त होने का आरोप लगाते हुए इसे वन्यजीव संरक्षण कानून का उल्लंघन बताया। प्रदेश संगठन मंत्री मुख्तार अहमद ने कहा कि कुछ क्षेत्रों में मासूम पक्षियों को पकड़कर पिंजरों में कैद कर बेचा जा रहा है, जो अमानवीय होने के साथ-साथ पर्यावरण के लिए भी गंभीर खतरा है। उन्होंने कहा कि दुर्लभ प्रजातियों के पक्षियों का अवैध व्यापार प्रकृति के संतुलन को बिगाड़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से पूरे नेटवर्क की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। मंडल प्रवक्ता एवं जिला महासचिव एडवोकेट अकील उद्दीन ने कहा कि संरक्षित और दुर्लभ पक्षियों की खरीद-फरोख्त वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत प्रतिबंधित है। इसके बावजूद शहर में इस तरह का कारोबार प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने मांग की कि वन विभाग, पुलिस और नगर निगम संयुक्त अभियान चलाकर ऐसे कारोबारियों पर कार्रवाई करें। AIMM नेताओं ने कहा कि पक्षियों और वन्यजीवों की सुरक्षा हर नागरिक की जिम्मेदारी है। यदि समय रहते इस अवैध व्यापार पर रोक नहीं लगी तो कई दुर्लभ प्रजातियां समाप्त होने की कगार पर पहुंच सकती हैं। ज्ञापन में मांग की गई कि अवैध पक्षी व्यापारियों के खिलाफ छापेमारी कर कार्रवाई की जाए, दुर्लभ पक्षियों को मुक्त कर सुरक्षित वातावरण में छोड़ा जाए तथा दोषियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए। साथ ही भविष्य में इस तरह के कारोबार पर रोक लगाने के लिए विशेष निगरानी अभियान चलाने की भी मांग की गई। ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्तार अहमद, एडवोकेट अकील उद्दीन सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।