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डॉ. जयदीप रोकड़े व डॉ. संदीप सरन को विश्व कुक्कुट विज्ञान संघ प्रतिष्ठित ‘एजुकेशन अवार्ड मिला।

July 14, 2026By admin0 comments
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बरेली। विश्व कुक्कुट विज्ञान संघ का प्रतिष्ठित ‘एजुकेशन अवार्ड 2026’ केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान, बरेली के डॉ. जयदीप रोकड़े व डॉ. संदीप सरन ने हासिल किया है। वैश्विक मंच पर भारत का नाम रोशन करते हुए यह ऐतिहासिक उपलब्धि कनाडा के टोरंटो में हुई 27वीं विश्व कुक्कुट कांग्रेस के दौरान उपरोक्त वैज्ञानिकों सम्मान पूर्वक प्रदान की गई, जिसमें केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान, बरेली (आई सी ए आर- सी ए आर आई) के इन वैज्ञानिकों को 15 हजार अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि तथा प्रशस्ति- पत्र से सम्मानित किया गया।
इस गौरवपूर्ण क्षण के साथ ही डॉ. जयदीप रोकड़े एशिया के पहले पशु चिकित्सक बन गए हैं, जिन्हें यह वैश्विक पुरस्कार मिला है और वे इतिहास में इस सम्मान को पाने वाले सबसे युवा वैज्ञानिक भी हैं। वहीं, डॉ. संदीप सरन को कुक्कुट शिक्षा, कृषि- व्यवसाय, उद्यमिता विकास, नीति-निर्माण और मानव संसाधन क्षमता- निर्माण में उनके अतुलनीय योगदान के लिए यह अवार्ड प्रदान किया गया है। इन दोनों वैज्ञानिकों ने अपने अभिनव डिजिटल लर्निंग मॉड्यूल, शोध एवं तकनीकी व्यावसायीकरण तथा ग्रामीण आउटरीच कार्यक्रमों के माध्यम से पोल्ट्री शिक्षा को एक नई दिशा दी है जिससे हजारों विद्यार्थियों, किसानों, ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनने तथा उद्यमिता के क्षेत्र में कदम रखने का अवसर मिला है।
केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ जगवीर सिंह त्यागी ने इस अभूतपूर्व सफलता पर अपनी हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, “यह पुरस्कार केवल दो वैज्ञानिकों की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि किसानों, छात्रों और ग्रामीण समुदायों के प्रति आईसीएआर-केन्द्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान की अटूट प्रतिबद्धता का मूर्त प्रमाण है। विशेष रूप से, पिछले पाँच वर्षों में डॉ. रोकड़े और डॉ. सरन ने जिस समर्पण एवं कर्मठता से किसानों व विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य किया है, उसी के फलस्वरूप आज विश्वस्तरीय यह मान्यता मिली है। इससे संपूर्ण वैज्ञानिक समुदाय का मनोबल बढ़ा है और हम सबको प्रेरणा मिलती है कि हमारे प्रयास सही दिशा में अग्रसर हैं।”
यह सम्मान न केवल आई सी ए आर- सी ए आर आई संस्थान के लिए गौरव का विषय है, बल्कि पूरे भारत तथा वैश्विक कुक्कुट विज्ञान समुदाय के लिए एक मील का पत्थर साबित हुआ है। निदेशक ने दोनों वैज्ञानिकों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार की अंतरराष्ट्रीय पहचान संस्थान की वैज्ञानिक उत्कृष्टता, सामाजिक समर्पण और भावी पीढ़ियों के प्रति दायित्व-बोध को पुष्ट करती है। आई सी ए आर-सी ए आर आई सदैव इसी दृष्टि से कार्य करता रहेगा कि शोध एवं शिक्षा का लाभ देश के अंतिम पंक्ति के किसान तक पहुँचे तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त हो सके। निर्भय सक्सेना

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