बदायूँ पालिका चेयरमैन फात्मा रजा ने कहा तीन दिन में शहर के सभी स्वीमिंग पूलों की होगी जांच
बदायूं। शहर में संचालित स्वीमिंग पूलों की सुरक्षा व्यवस्थाओं और मानकों को लेकर नगर पालिका प्रशासन अब पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। हाल ही में एक मासूम बच्चे की मौत के बाद उठे सवालों और दैनिक समाचार पत्रों में लगातार प्रकाशित खबरों का संज्ञान लेते हुए नगर पालिका परिषद ने नगर क्षेत्र तथा उसके आसपास संचालित सभी स्वीमिंग पूलों की व्यापक जांच कराने का निर्णय लिया है। पालिकाध्यक्ष फात्मा रजा ने इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए तीन दिन के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
घटना के बाद शहर में संचालित कई स्वीमिंग पूलों की कार्यप्रणाली और सुरक्षा मानकों को लेकर लोगों के बीच चिंता बढ़ गई थी। विभिन्न स्तरों पर यह शिकायतें भी सामने आ रही थीं कि कुछ पूल बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के संचालित किए जा रहे हैं। कई स्थानों पर मानकों की अनदेखी किए जाने की आशंका जताई गई, जिसके बाद नगर पालिका प्रशासन ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया।
पालिकाध्यक्ष फात्मा रजा ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा नगर पालिका की प्राथमिक जिम्मेदारी है और किसी भी स्थिति में लोगों की जान के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि कोई भी स्वीमिंग पूल निर्धारित मानकों का पालन नहीं करता पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।नगर पालिका प्रशासन के अनुसार जांच अभियान केवल औपचारिकता नहीं होगा, बल्कि हर बिंदु की गहनता से समीक्षा की जाएगी। जांच टीम यह सुनिश्चित करेगी कि संबंधित स्वीमिंग पूल के पास आवश्यक एनओसी और संचालन की वैध अनुमति उपलब्ध है या नहीं। साथ ही भवन उपयोग परिवर्तन की अनुमति, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता, आपातकालीन इंतजाम, जल निकासी व्यवस्था और प्रदूषित जल के निस्तारण की स्थिति भी परखी जाएगी।
इसके अलावा सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े पहलुओं को भी जांच के दायरे में रखा गया है। जांच टीम यह भी देखेगी कि पूलों में इस्तेमाल होने वाले पानी की गुणवत्ता कैसी है और उसके शुद्धिकरण की क्या व्यवस्था है। यदि किसी पूल में दूषित पानी या अस्वास्थ्यकर स्थिति पाई गई तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।नगर पालिका ने जांच प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की एक संयुक्त टीम गठित की है। इस टीम में जलकल अभियंता नितिन सक्सेना, मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षक मोहम्मद तय्यब, सफाई एवं खाद्य निरीक्षक केशव गंगवार, लिपिक सचिन सक्सेना, महेश बाबू, सफाईनायक उमेश, कार्यवाहक स्वच्छता अधिकारी सिद्धार्थ तथा संबंधित क्षेत्र के स्वच्छता अधिकारी, चौकीदार और सफाई कर्मचारी शामिल किए गए हैं।
पालिका प्रशासन ने टीम को निर्देश दिए हैं कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से की जाए। साथ ही तीन दिन के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। रिपोर्ट में हर स्वीमिंग पूल की स्थिति और कमियों का उल्लेख किया जाएगा ताकि आगे की कार्रवाई तय की जा सके।सूत्रों की मानें तो प्रशासन उन स्थानों को लेकर विशेष सतर्कता बरत रहा है जहां बच्चों और युवाओं की अधिक आवाजाही रहती है। गर्मी के मौसम में स्वीमिंग पूलों में बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं, ऐसे में सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी समय बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।नागरिकों ने भी नगर पालिका के इस कदम का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में प्रशासन को पहले से अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। उनका मानना है कि यदि समय रहते नियमित निरीक्षण और कार्रवाई होती रहे तो इस तरह की घटनाओं पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।
फिलहाल नगर पालिका की जांच टीम मैदान में उतरने की तैयारी कर चुकी है और आने वाले तीन दिनों में शहर के सभी स्वीमिंग पूलों की वास्तविक स्थिति सामने आने की उम्मीद है।















































































