उझानी के बड़ा हनुमान मन्दिर में श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का सातवें दिन भव्य समापन हुआ
उझानी : नगर के सुप्रसिद्ध बड़ा हनुमान मन्दिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव के सातवें दिन भक्तिमय वातावरण के बीच कथा का भव्य समापन हुआ। कथा शिरोमणि स्वामी रामचन्द्राचार्य महाराज के श्रीमुख से भगवान श्रीकृष्ण की गोवर्धन लीला का अत्यंत मार्मिक एवं भावपूर्ण वर्णन सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथा पंडाल में गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण के जयघोष गूंजते रहे और श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर दिखाई दिए।महाराज श्री ने कहा कि जब देवराज इंद्र ने अपने अभिमानवश ब्रजभूमि पर मूसलाधार वर्षा कर विनाश फैलाने का प्रयास किया, तब भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी कनिष्ठा उंगली पर गोवर्धन पर्वत धारण कर समस्त ब्रजवासियों, गौवंश और प्रकृति की रक्षा की। उन्होंने कहा कि यह लीला मानवता को संरक्षण, करुणा और प्रकृति प्रेम का संदेश देने वाली दिव्य प्रेरणा है। भगवान श्रीकृष्ण ने यह सिद्ध किया कि सच्चा ईश्वर वही है जो अपने भक्तों और समस्त जीवों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहता है। कथा शिरोमणि महाराज ने कहा कि इंद्र का अभिमान टूटना इस बात का प्रतीक है कि अहंकार चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, प्रभु की कृपा के आगे उसका अस्तित्व नहीं रहता। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपने जीवन में अहंकार, क्रोध और लोभ का त्याग कर सेवा, सत्संग और भक्ति का मार्ग अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मनुष्य प्रकृति से दूर होता जा रहा है, जबकि गोवर्धन पूजा हमें जल, वन, पर्वत और गौ सेवा के संरक्षण का संदेश देती है। प्रकृति की रक्षा ही मानव जीवन की रक्षा है। भागवत महापुराण की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि जहां श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन होता है, वहां धर्म, संस्कार, सद्भाव और भक्ति का जागरण स्वतः होने लगता है। भागवत कथा जीवन को सत्य, प्रेम और मानवता की दिशा देने वाला आध्यात्मिक प्रकाश है। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी को धर्म, संस्कार और संस्कृति से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
कथा के अंतिम चरण में श्रद्धालुओं ने व्यास पीठ का पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजन समिति द्वारा कथा व्यास का माल्यार्पण एवं सम्मान कर आभार व्यक्त किया गया। क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति, उत्तम स्वास्थ्य एवं जनकल्याण की मंगलकामना की गई। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही और पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
इस मौके पर कमला कान्त महाराज, राजीव लोचन महाराज, धर्मेंद्र कुमार शर्मा, विपिन कुमार शर्मा, ममता शर्मा, आरती शर्मा, अजब सिंह, सचिन सिंह, जसवीर यादव, प्रमोद कुमार, आनंद मिश्रा, राजाबाबू सिंह, अतिवीर यादव, ज्ञान चंद्र शर्मा, भगवान स्वरुप, ब्रह्मानंद शर्मा आदि अनेक श्रद्धालु, गणमान्य नागरिक एवं धर्मप्रेमी मौजूद रहे।















































































