निशुल्क शीतल जल सेवा शिविर के 11वें दिन स्काउट गाइड ने भीषण गर्मी में राहगीरों और यात्रियों को जल पिलाया
बदायूं : गांधी नेत्र चिकित्सालय के मुख्य द्वार पर भारत स्काउट गाइड संस्था के तत्वावधान में चल रहे निशुल्क शीतल जल सेवा शिविर के 11वें दिन स्काउट गाइड ने भीषण गर्मी में प्यास से व्याकुल राहगीरों और दूर-दराज से आए यात्रियों को शीतल जल पिलाकर उनकी प्यास बुझाई। शिविर के माध्यम से जल संरक्षण, प्रकृति संवर्धन और मानव सेवा का संदेश भी दिया गया। स्काउट संस्था के प्रादेशिक वरिष्ठउपाध्यक्ष एवं जिला मुख्यायुक्त महेश चंद्र सक्सेना ने शिविर का निरीक्षण कर सेवा कार्यों की सराहना की।
पूर्व जिला ट्रेनिंग कमिश्नर संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि जल अमृत है और जीवन का मूल आधार भी है। जब धरती पर जल संकट गहराता है तो मानव जीवन विषम परिस्थितियों में घिर जाता है। उन्होंने कहा कि युद्ध और विनाश केवल सीमाओं को नहीं तोड़ते, बल्कि प्रकृति, जल स्रोतों और मानव सभ्यता को भी गहरा नुकसान पहुंचाते हैं। आज दुनिया के कई देशों में युद्ध और प्राकृतिक संकट के कारण लोगों को पीने के पानी तक के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। यह वर्तमान पीढ़ी के लिए बड़ा सबक है कि यदि जल, जंगल और प्रकृति कीरक्षा नहीं की गई तो आने वाला समय और अधिक कठिन हो सकता है।जिला संगठन कमिश्नर मु. असरार ने कहा कि प्रकृति का संतुलन बिगड़ने से मौसम में असामान्य परिवर्तन हो रहे हैं। बढ़ती गर्मी, सूखा और जल की कमी मानव के लिए चेतावनी है। उन्होंने कहा कि जल की प्रत्येक बूंद अमूल्य है और इसे बचाना हर नागरिक का दायित्व है। वर्षा जल संचयन, पेड़-पौधों का संरक्षण और जल स्रोतों की स्वच्छता से ही आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य दिया जा सकता है।गाइड कैप्टन रेनू गुप्ता और डाल कुमारी ने संयुक्त रूप से कहा कि भीषण गर्मी में प्यासे लोगों को शीतल जल पिलाना सबसे बड़ी मानव सेवा है। आज की पीढ़ी को सेवा, संवेदना और प्रकृति संरक्षण से सीख लेनी चाहिए। यदि मनुष्य प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर चलेगा तो समाज में सुख, शांति और जीवन का संतुलन बना रहेगा।
महीपाल सिंह ने सभी से जल बचाने, पेड़ लगाने और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की।इस मौके पर रवनीत कौर, कृष्णा, आरुषि, मोहिनी, कीर्ति, वैष्णवी, अनुष्का, देवांश, रोशनी, रोहित गुप्ता, फरदीन अहमद आदि मौजूद रहे।















































































