वाणिज्य संकाय के सम्मान समारोह में स्वामी चिन्मयानंद ने कहा साधना के बिना संसाधन महत्वहीन होते
शाहजहांपुर।।निस्संदेह यात्रा कठिन हो सकती है, किंतु अंत में मिलने वाली सफलता नितांत सुखद होती है। विद्यार्थियों को चाहिए कि वे अपने पीछे कर्तव्य का एक अद्वितीय पथ छोड़ें। कक्षाओं तक सीमित न रहकर “मैं कर सकता हूं” का भाव विद्यार्थियों को जीवन पथ पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा प्रदान करेगा। उक्त उद्गार मुमुक्षु शिक्षा संकुल के मुख्य अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। वे वाणिज्य संकाय द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में विद्यार्थियों को आशीर्वचन दे रहे थे। उन्होंने आगे कहा कि आज जीवन की स्थिति यह हो चुकी है कि हमें केवल और केवल आगे बढ़ना है, वापस आने का कोई विकल्प हमारे पास नहीं है। आज प्रत्येक अवसर अपने साथ चुनौतियां लेकर आता है। हमारे पास आगे बढ़ने के लिए एक खुला आकाश है, किंतु जब तक चुनौतियों को स्वीकार करने का साहस नहीं होगा, तब तक मंजिल नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा कि सान्निध्य एवं दक्षता के अभाव में प्रत्येक परीक्षा व प्रमाण पत्र अधूरे हैं। जब तक विद्यार्थी वैश्विक पटल पर स्थान न बना पाएं, तब तक उड़ान भरने का कोई फायदा नहीं है। उन्होंने विद्यार्थियों से दृढ़तापूर्वक कहा कि साधना के बिना संसाधनों का कोई महत्व नहीं है। कार्यक्रम के आरंभ में वाणिज्य संकायाध्यक्ष एवं उपप्राचार्य प्रो अनुराग अग्रवाल ने स्वागत उदबोधन दिया। उल्लेखनीय है कि वाणिज्य संकाय के द्वारा विगत 3 फरवरी से 9 फरवरी तक “नेतृत्व विकास एवं अभिप्रेरणा” शीर्षक पर प्रबंधकीय विकास कार्यक्रम एवं 18 फरवरी को एक वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।
इस मौके पर पूर्व प्राचार्य डॉ अवनीश मिश्र ने कहा कि आज कुशल नेतृत्व का अभाव उद्योगों को प्रभावित कर रहा है। हमें बदलती हुई जीवन शैली में अभिप्रेरणा, कुशल समन्वय एवं संसाधनों के संगठन को समायोजित करना चाहिए। डॉ शिशिर शुक्ला के संचालन में हुए कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन विधि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ जयशंकर ओझा ने किया। इस अवसर पर विषम सेमेस्टर में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को एवं कार्यक्रमों में प्रतिभाग करने वाले शिक्षकों को सम्मानित भी किया गया।
प्रो देवेंद्र सिंह, डॉ अर्चना गर्ग, डॉ बलबीर शर्मा, डॉ राजीव कुमार, डॉ गौरव शर्मा, बृजलाली, डॉ सुखदेव, डॉ मोहिनीशंकर, डॉ पोथीराम सिंह, डॉ अभिषेक बाजपेई, डॉ अजय वर्मा, डॉ केशव शुक्ल, डॉ मानवेंद्र सिंह, डॉ अखंड प्रताप सिंह, डॉ बरखा सक्सेना, डॉ गौरव सक्सेना, डॉ रामशंकर पांडेय, डॉ रूपक श्रीवास्तव, डॉ सचिन खन्ना, डॉ संतोष प्रताप सिंह, शिवानी भारद्वाज, डॉ विजय तिवारी, डॉ विनीता राठौर, व्याख्या सक्सेना, डॉ प्रतिभा द्विवेदी।
ये विद्यार्थी हुए सम्मानित
- एम.कॉम. तृतीय सेमेस्टर
प्रथम- शगुन गुप्ता
द्वितीय- रिया गुप्ता
तृतीय- शौर्य दीक्षित - एम.कॉम. प्रथम सेमेस्टर
प्रथम- दक्ष अग्रवाल
द्वितीय- दृष्टि यादव
तृतीय- स्वाति वर्मा - बी.कॉम. पंचम सेमेस्टर
प्रथम- आकर्षी रावत
द्वितीय- आयुषी गुप्ता
तृतीय- आद्या गुप्ता - बी.कॉम. तृतीय सेमेस्टर
प्रथम- अनुराग गुप्ता
द्वितीय- अमन गिरि
तृतीय- अलीफिये - बी.कॉम. प्रथम सेमेस्टर
प्रथम- श्रेया यादव
द्वितीय- मानस मेहरोत्रा
तृतीय- रौनक अरोड़ा















































































