यूपीएससी में पुत्र की सफलता पर पिता ने मंदिर पर विशाल भंडारा कराया,सैकड़ो लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया
बदायूं। यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल करने के बाद एक परिवार ने अपनी खुशी को सेवा और आस्था के साथ जोड़ा। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के 32 सिविल लाइन निवासी प्रमोद पाठक ने अपने पुत्र आयुष पाठक के यूपीएससी परीक्षा में उत्तीर्ण होने पर ओवरब्रिज के नीचे स्थित श्री आदिशक्ति दुर्गा माता मंदिर पर विशाल भंडारे का आयोजन कराया। यह आयोजन मंदिर के दसवें वार्षिकोत्सव के अवसर पर बड़े ही श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ।इस अवसर पर मंदिर परिसर में सुबह से ही धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत हो गई थी। हवन-पूजन के बाद भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और राहगीरों ने प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे में विशेष रूप से गरीब और जरूरतमंद लोगों को भोजन कराया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में सेवा और परोपकार का संदेश भी प्रसारित हुआ।
प्रमोद पाठक ने बताया कि उन्होंने अपने पुत्र आयुष की सफलता के लिए मां दुर्गा से मन्नत मांगी थी। जब आयुष ने कठिन परिश्रम के बाद यूपीएससी परीक्षा पास कर ली, तो उन्होंने अपनी प्रतिज्ञा के अनुसार मंदिर में भंडारा कराने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल खुशी मनाने के लिए नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का एक प्रयास भी है।
वहीं, यूपीएससी में सफल अभ्यर्थी आयुष पाठक ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और मां दुर्गा की कृपा को दिया। उन्होंने कहा कि यह उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है और वे आगे भी समाज सेवा के कार्यों में योगदान देना चाहते हैं। आयुष ने बताया कि गरीबों को भोजन कराकर उन्हें आत्मिक संतोष और खुशी मिलती है।
उन्होंने आगे कहा कि यदि भगवान की कृपा बनी रही और उन्हें जल्द ही नियुक्ति (ज्वाइनिंग) मिल जाती है, तो वे भविष्य में भी इस तरह के भंडारे और सामाजिक सेवा के कार्य नियमित रूप से करते रहेंगे।इस दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। पूरे आयोजन में भक्ति, सेवा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना की और इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।इस प्रकार, एक ओर जहां आयुष पाठक की सफलता ने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया, वहीं दूसरी ओर इस खुशी को समाज सेवा के माध्यम से साझा कर एक सकारात्मक उदाहरण भी प्रस्तुत किया गया।















































































