बरेली। कर्मचारी नगर इलाके में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक ने एक रिटायर्ड शिक्षिका की जान ले ली। बेसिक शिक्षा विभाग से हाल ही में सेवानिवृत्त 65 वर्षीय मंजू सक्सेना बुधवार को अपने बेटे शानू के साथ बाइक से दामाद शुभम सक्सेना के घर केसर वाटिका जा रही थीं। वहां से उन्हें इलाज के लिए दिल्ली रवाना होना था, लेकिन रास्ते में दर्दनाक हादसा हो गया।बताया गया कि ऑफिसर्स एन्क्लेव विस्तार कॉलोनी में राहुल प्रोविजन स्टोर के पास अचानक आवारा कुत्तों का झुंड बाइक के पीछे दौड़ पड़ा। कुत्तों के झपटने से घबराकर मंजू सक्सेना का संतुलन बिगड़ गया और वह चलती बाइक से सड़क पर सिर के बल गिर पड़ीं। गंभीर सिर की चोट और अत्यधिक रक्तस्राव के चलते उनकी मौके पर ही मौत हो गई।हादसे के बाद परिजन उन्हें तुरंत एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। परिवार ने बिना पोस्टमार्टम के अंतिम संस्कार कर दिया। मंजू की समधिन शशि रायजादा ने बताया कि वह लंबे समय से बीमार थीं और बेहतर इलाज के लिए दिल्ली जाना था, लेकिन उससे पहले ही यह दुखद घटना हो गई।घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है, वहीं इलाके के लोगों में भी भय और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कर्मचारी नगर और आसपास के क्षेत्रों में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ रहा है, लेकिन नगर निगम इस समस्या को लेकर गंभीर नहीं दिख रहा है।इस मामले में इज्जतनगर थाना प्रभारी सुरेश चंद्र गौतम ने बताया कि पुलिस के संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं आया है। वहीं नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने कहा कि उन्हें अभी घटना की जानकारी नहीं मिली है, सूचना मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।इस घटना ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते आवारा कुत्तों पर नियंत्रण के उपाय किए गए होते, तो शायद एक निर्दोष की जान बचाई जा सकती थी।