मोहब्बत में विनय बने इमरान कलमा पड़ा खतना कराया अब जिंदगी का दर्दनाक अंत: पत्नी से झगड़े के बाद फंदे पर लटका
बरेली। प्यार की खातिर अपना मजहब और घर-बार छोड़ देने वाले एक युवक के जीवन का सफर बरेली के नकटिया इलाके में बेहद खौफनाक मोड़ पर खत्म हुआ। रामपुर के शिव नगर थाना बिलासपुर निवासी विनय कुमार , जिसने बिचपुरी की मुस्कान के प्यार में पड़कर अपना सब कुछ त्याग दिया और धर्म परिवर्तन कर ‘इमरान’ बन गया, कलमा पड़ा इस उम्र में खतना कराया दो बच्ची का पिता बना अब उसका शव गुरुवार को किराए के कमरे में फंदे से लटका मिला। चार साल पहले जिस प्रेम कहानी ने मजहब की दीवारें तोड़कर निकाह की मंजिल पाई थी, उसका अंत हो गया दो मासूम बेटियों के सिर से पिता का साया छीन गया।
मृतक के भाई अजय कुमार और उसकी सास कुरैशा बेगम ने बताया कि विवाद की जड़ बेहद मामूली थी, लेकिन उसका परिणाम आत्मघाती रहा। इमरान रात के समय ई-रिक्शा चलाकर परिवार की परवरिश करता था, जबकि पत्नी मुस्कान उसे सुरक्षा के लिहाज से रात में काम पर जाने से टोकती थी। इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच अक्सर तकरार होती थी। इस बार भी इसी मुद्दे पर हुई तीखी नोकझोंक के बाद मुस्कान अपने मायके चली गई। अकेलेपन और मानसिक तनाव के बीच इमरान ने घर के भीतर मौत का फंदा चुन लिया।
घटना का खुलासा तब हुआ जब सुबह मुस्कान अपनी मां कुरेशा बेगम के साथ वापस नकटिया स्थित घर पहुँची। दरवाजा खोलते ही सामने इमरान का बेजान शरीर लटका देख मुस्कान की चीखें निकल गईं। शोर सुनकर आसपास के लोग जमा हो गए और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कभी जिस विनय ने मुस्कान के लिए अपना अस्तित्व बदलकर इमरान का नाम अपनाया था, आज उसी परिवार के बीच उपजे एक छोटे से विवाद ने खुशियों को मातम में बदल दिया। पुलिस अब घटना के पीछे के अन्य संभावित कारणों की भी गहराई से पड़ताल कर रही है। हो सकता है परिवार बालो ने ही उसे मारकर लटका दिया हो अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा मौत का कारण क्या है।















































































