गाजियाबाद में इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के कनावनी गांव में सैंकड़ों झुग्गी – झोपड़ियों में लगी भीषण आग
गाजियाबाद। जिला अग्निशमन विभाग गाजियाबाद के फायर स्टेशन वैशाली कंट्रोल रूम पर 16 अप्रैल दिन वृहस्पतिवार को समय 12:17 बजे इंदिरापुरम थाना क्षेत्र स्थित कनावनी गांव में अस्थाई टीन शेड के ढांचों से निर्मित झुग्गी- झोपड़ियों की बहुत बड़ी बस्ती में विकराल आग लगने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना प्राप्त होते ही तत्काल वैशाली, साहिबाबाद और कोतवाली फायर स्टेशन से मय फायर सर्विस यूनिट्स सभी फायर टेंडर्स घटनास्थल के लिए रवाना कराए गए और साथ ही घटना के संबंध में मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल को भी अवगत कराया गया, जिनके निर्देश पर फायर स्टेशन मोदीनगर और लोनी से भी सभी फायर टेंडर घटनास्थल के लिए रवाना हुए और जनपद गौतमबुद्ध नगर से भी फायर टेंडर्स की मांग की गई।
अग्निशमन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पाया कि आग कामगारों की झुग्गियों से बनी पूरी बस्ती को अपनी चपेट में ले चुकी है, जिसके कारण घटनास्थल से अत्यधिक मात्रा में विशाल धुएं का गुबार उठ रहा है और हवा के साथ आग की तेज लपटें भी दूर तक फैल रही हैं व झोपड़ियों के अंदर रखे घरेलू गैस सिलेंडरों में लगातार विस्फोट हो रहे हैं। फायर सर्विस यूनिट्स के जांबाजों ने तत्काल हौज पाईप की लाइनें फैलाकर मोटर फायर इंजनों से पंपिंग कर आग पर चारों तरफ से पानी डालना शुरू किया और जनपद गाज़ियाबाद व गौतमबुद्ध नगर के अलग अलग फायर स्टेशनों से घटनास्थल पर पहुंचे कुल 22 फायर टेंडरों, नगर निगम गाजियाबाद के कई हाई प्रेशर वाटर टैंकरों साथ ही टाटा स्टील साहिबाबाद व नॉर्थ इंडिया मॉल से सहायता के लिए पहुंचे कुल 03 फायर टेंडरों की मदद से आग को समय लगभग 14:00 बजे तक कंट्रोल कर लिया गया और उसके बाद गिरे हुए टीन शेड के ढांचों के नीचे दबी हुई आग को बुझाना व घटनास्थल बन चुकी अत्यधिक हीट वाले स्थानों को कूलिंग करना शुरू किया।
आग की विकरालता को देखते हुए घटनास्थल पर जिलाधिकारी, गाजियाबाद और पुलिस उपायुक्त महोदय (ट्रांस हिंडन क्षेत्र), कमिश्नरेट गाजियाबाद स्वयं मौके पर पहुंचे और संबंधित विभागों को अग्निशमन एवं बचाव कार्यों हेतु उचित दिशा निर्देश प्रदान किए, साथ ही उपजिलाधिकारी (सदर), मुख्य अग्निशमन अधिकारी (गाजियाबाद व गौतमबुद्ध नगर), सहायक पुलिस आयुक्त महोदय (इंदिरापुरम), अग्निशमन अधिकारी, कोतवाली फायर स्टेशन, थाना प्रभारी इंदिरापुरम व फायर स्टेशन प्रभारी वैशाली, साहिबाबाद और लोनी व स्थानीय पुलिस, सिविल डिफेंस की टीम और स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी पर्याप्त स्टॉफ और संसाधनों के साथ अग्निशमन एवं बचाव कार्यों में सहायता व निर्देशन के लिए सम्पूर्ण अग्निशमन एवं बचाव कार्यों के दौरान घटनास्थल पर मौजूद रहे।
अग्निशमन एवं बचाव कार्य के दौरान सभी विभागों के आपसी समन्वय से संयुक्त टीमें बनाकर रेस्क्यू एवं सर्च अभियान भी निरन्तर चलाया गया, जिससे इस अग्निदुर्घटना में किसी भी जीवित व्यक्ति आदि के घायल आदि होने की कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है। इस अग्नि दुर्घटना में प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार लगभग 125 से अधिक झुग्गी झोपड़ियां और प्लास्टिक/कांच की बोतल व पॉलीथिन इत्यादि के स्क्रैप के कुछ गोदाम व डॉग शेल्टर भी जलकर नष्ट हो गए। इस अग्नि दुर्घटना में हुए संभावित नुकसान, झुग्गी झोपड़ियों, स्क्रैप के गोदाम व डॉग शेल्टर की सही संख्या की जानकारी के सम्बन्ध में सर्वेक्षण कार्य संबंधित विभागों द्वारा किया जा रहा है। इस अग्नि दुर्घटना के कारणों की कोई स्पष्ट जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी है। समय लगभग 16:00 बजे इस आग को तो पूर्ण रूप से बुझा दिया गया लेकिन भीषण आग होने के चलते घटनास्थल से उठ रही हीट को कम करने के लिए कूलिंग का कार्य खबर लिखे जाने तक लगातार जारी है।














































































