बरेली। नवाबगंज स्थित ओसवाल गन्ना मिल द्वारा किसानों का दो वर्ष का बकाया भुगतान न किए जाने से किसानों में भारी आक्रोश है। पैनी नजर सामाजिक संस्था की अध्यक्ष एडवोकेट सुनीता गंगवार के नेतृत्व में किसानों ने नवाबगंज प्रशासन को पत्र देकर चेतावनी दी है कि 27 अप्रैल को किसान पुनः तहसील परिसर में एकत्र होंगे। सुनीता गंगवार ने बताया कि पूर्व में 9 दिन तक चले अनिश्चितकालीन धरने के बाद प्रशासन ने लिखित आश्वासन दिया था कि मार्च तक किसानों का भुगतान कर दिया जाएगा, जिसके बाद धरना समाप्त किया गया था। लेकिन आश्वासन के बावजूद भुगतान न होने से किसान दोबारा आंदोलन के लिए मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि करीब 3 करोड़ 20 लाख रुपये की चीनी बिक्री के बाद कुछ किसानों को आंशिक भुगतान मिला था और 52 बीघा भूमि की नीलामी प्रक्रिया भी शुरू हुई थी, लेकिन क्षेत्रीय विधायक की आपत्ति के बाद नीलामी रोक दी गई। इसके बाद मंडल आयुक्त द्वारा जांच बैठाए जाने से भुगतान प्रक्रिया ठप हो गई, जिससे लगभग 24 हजार किसान प्रभावित हैं। किसानों ने सवाल उठाया है कि आपत्ति को निराधार मानते हुए खारिज क्यों नहीं किया गया और भुगतान में देरी क्यों हो रही है। सुनीता गंगवार ने कहा कि 27 अप्रैल को आयोजित संवाद कार्यक्रम में किसान मंडल आयुक्त से जवाब लिए बिना वापस नहीं जाएंगे। उन्होंने प्रशासन से किसानों की सुरक्षा, पेयजल, बैठने और चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। इस दौरान संस्था के साथी वहीद अहमद अंसारी, ब्रह्मानंद गंगवार, सोम प्रकाश सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।