बरेली। किसान न्याय सत्याग्रह समिति के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. हरीश गंगवार ने बरेली मंडलायुक्त एवं जिलाधिकारी से मुलाकात कर कथित असंवैधानिक हाउस अरेस्ट की शिकायत दर्ज कराई। मुलाकात के दौरान डॉ. गंगवार ने पूरे घटनाक्रम से अधिकारियों को अवगत कराया। मंडलायुक्त ने बदायूं के बगरैन गोदाम में लगभग चार हजार किसानों के करीब 4 करोड़ रुपये मूल्य के गेहूं, धान व बीज की कथित लूट की जांच रिपोर्ट पर प्रगति जानने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। वहीं जिलाधिकारी बरेली ने हाउस अरेस्ट के मामले में एसएसपी को जांच के आदेश दिए। डॉ. गंगवार ने आरोप लगाया कि बिना किसी लिखित आदेश या सुनवाई के उन्हें हाउस अरेस्ट किया गया, जो उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने बताया कि 20 अप्रैल को दिल्ली के राजघाट तक प्रस्तावित शांतिपूर्ण पदयात्रा को प्रशासन ने रोक दिया। उन्होंने कहा कि यात्रा महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों तथा बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर आयोजित की जानी थी। पदयात्रा की मुख्य मांगों में किसानों की फसल लूट मामले में कार्रवाई और मुआवजा, एमएसपी की कानूनी गारंटी व कर्ज माफी तथा भारत-अमेरिका ट्रेड डील का किसान हित में मूल्यांकन शामिल हैं। भारतीय किसान यूनियन (असली) के जिलाध्यक्ष विपिन पटेल ने किसानों के नुकसान पर तत्काल कार्रवाई की मांग की, जबकि अन्य पदाधिकारियों ने हाउस अरेस्ट समाप्त करने और पदयात्रा की अनुमति देने की बात कही। किसान न्याय सत्याग्रह समिति ने प्रशासन से इस मामले में शीघ्र लिखित जवाब की अपेक्षा जताई है।