बरेली। नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष एवं समाजवादी पार्टी के पार्षद गौरव सक्सेना ने नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य को पत्र लिखकर कोहड़ापीर स्थित भगवान चित्रगुप्त जी के प्रतीक चिन्ह “कलम-दवात” को लेकर महत्वपूर्ण मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि उक्त प्रतीक चिन्ह उनकी पहल पर नगर निगम बोर्ड से प्रस्ताव स्वीकृत कराकर एवं यातायात विभाग की अनापत्ति लेने के बाद स्थापित कराया गया था। इसका उद्देश्य समाज में शिक्षा का संदेश प्रसारित करना था, जिसमें श्री चित्रगुप्त सेवा समिति सहित विभिन्न कायस्थ संगठनों का सहयोग रहा। गौरव सक्सेना ने स्पष्ट किया कि यदि यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए इस प्रतीक चिन्ह को स्थानांतरित करने या चित्रगुप्त चौक के स्वरूप में परिवर्तन की योजना बनाई जाती है, तो पहले जनभावना के अनुरूप संबंधित पक्षों से सहमति बनाई जाए। उन्होंने कहा कि कलम-दवात कायस्थ समाज की आस्था से जुड़ा प्रतीक है, ऐसे में बिना सहमति कोई भी निर्णय जनभावनाओं को आहत कर सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बिना संवाद के कोई कार्रवाई की जाती है, तो यह आगे चलकर बड़े आंदोलन का रूप ले सकती है। साथ ही उन्होंने कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से जनहित के पक्षधर हैं, लेकिन किसी भी बदलाव से पहले संवाद और सहमति आवश्यक है।