बदायूं। राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा डा भीमराव अम्बेडकर जयंती का आयोजन, राजकीय महाविद्यालय के सभागार में किया गया। समारोह का शुभारंभ प्राचार्य डा श्रद्धा गुप्ता ने डा अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। डॉ श्रद्धा ने डा अंबेडकर के जीवन दर्शन पर भाषण देने वाले युवाओं और वक्ताओं को प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।साथ ही सामाजिक समानता स्थापित करने की शपथ भी दिलाई। डा श्रद्धा ने डा भीमराव अम्बेडकर जी के जीवन दर्शन पर प्रकाश हुए कहा कि अंबेडकर सामाजिक न्याय और सामाजिक समता के प्रबल पैरोकार थे। वर्तमान समाज में महिला पुरुष, ऊंच नीच, संपन्न और विपन्न के बीच की असमानता जो कमी आई है वह अंबेडकर जी की देन है। उन्होंने कहा कि डॉ अंबेडकर ने अपने जीवन में जिन कुरीतियों, अपमान एवं सामाजिक विषमताओं का सामना किया,आगे चलकर उन विषमताओं का जड़ से उन्मूलन किया और समाज के कमजोर, दलित,पिछड़ों और महिलाओं को समाज में समानता का दर्जा दिलाकर अपनी दृढ़ इच्छा शक्ति का परिचय दिया। एनएसएसके नोडल अधिकारी डॉ राकेश कुमार जायसवाल ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि हमें डा अंबेडकर से प्रेरणा लेकर समाज और देश के विकास के लिए सतत प्रयास करने चाहिए। उन्होने बेटियों को देश की सेवा में आगे आने हेतु उनका उत्साह वर्धन किया। कार्यक्रम अधिकारी डॉ संजय कुमार ने अपने संबोधन में कहा की देश के संविधान में जो समरसता, समानता और महिला सशक्तिकरण की व्यवस्था बाबा साहब ने दिया वह आज भी बना हुआ है। बाबा साहब के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि तब होगी जब हमसभी संविधान के अनुसार राष्ट्र के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान कर भारत को परम वैभव के शिखर पर ले जाएं। इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी डॉ ज्योति बिश्नोई, डॉ सतीश सिंह यादव, डॉ प्रेमचंद चौधरी, वीर बहादुर सिंह, अंजलि आदि उपस्थित थे।