बदायूं। जनपद के थाना कुंवरगांव क्षेत्र में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की सतर्कता और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की तत्परता से दो किशोरियों का बाल विवाह होने से बचा लिया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार 11 अप्रैल 2026 को चाइल्डलाइन को सूचना मिली कि क्षेत्र में दो नाबालिग किशोरियों की शादी क्रमशः 26 अप्रैल और 29 अप्रैल 2026 को तय की गई है। सूचना मिलते ही चाइल्ड हेल्पलाइन परियोजना समन्वयक कमल शर्मा ने तत्काल जिला प्रोबेशन अधिकारी, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट और बाल कल्याण समिति को अवगत कराया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी अभय कुमार के आदेशानुसार संयुक्त टीम मौके पर गांव पहुंची। टीम में काउंसलर मुन्तजिम, केस वर्कर पुरुषोत्तम शर्मा, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाना के आरक्षी कुलदीप मिश्रा एवं महिला कांस्टेबल रेनू शामिल रहे। टीम ने दोनों किशोरियों और उनके परिवार से बातचीत कर आयु से संबंधित दस्तावेजों की जांच की, जिसमें किशोरियों की उम्र क्रमशः लगभग 16 और 17 वर्ष पाई गई। इसके बाद टीम ने परिजनों को बाल विवाह के दुष्परिणामों और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के कानूनी प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। जागरूकता के बाद किशोरियों के पिता ने थाना बीट इंचार्ज की मौजूदगी में शपथ पत्र देकर आश्वासन दिया कि बेटियों की शादी 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने से पहले नहीं की जाएगी। साथ ही निर्देश दिया गया कि किशोरियों को बाल कल्याण समिति, बदायूं के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। समन्वयक कमल शर्मा ने बताया कि इस वर्ष अब तक तीन से अधिक बाल विवाह रुकवाए जा चुके हैं। आगामी अक्षय तृतीया (19 अप्रैल 2026) के अवसर पर बाल विवाह रोकथाम के लिए व्यापक जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। इस दौरान ग्राम प्रधान रावेन्द्र और पंचायत सहायक भगवान सिंह सहित अन्य ग्रामीण भी उपस्थित रहे।