बदायूं आरटीसी. पुलिस लाइन में तनाव प्रबंधन पर प्रभावी कार्यशाला हुई, खास टिप्स दिए
बदायूं,।पुलिस बल के मानसिक सशक्तिकरण एवं कार्यकुशलता में वृद्धि के उद्देश्य से आर.टी.सी. पुलिस लाइन में होपयूनिटी हेल्पिंग वेलफेयर फाउंडेशन के सौजन्य से “तनाव प्रबंधन (Stress Management)” विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ आर.आई. श्री इंद्रजीत सिंह ने किया। उन्होंने पुलिस सेवा में मानसिक संतुलन, अनुशासन एवं आत्म-नियंत्रण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को अत्यंत आवश्यक बताया।
कार्यशाला के दौरान संस्था के उप-प्रबंधक एवं सेवानिवृत्त आर.आई. श्री राधेश्याम ने अपने दीर्घ सेवा अनुभव साझा करते हुए पुलिस सेवा के व्यवहारिक पक्षों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कार्य के दौरान उत्पन्न होने वाले तनाव, दबाव एवं चुनौतियों का उल्लेख करते हुए उनसे प्रभावी ढंग से निपटने के व्यावहारिक उपाय बताए। उनके विचार प्रतिभागियों के लिए प्रेरणादायक एवं मार्गदर्शक रहे।
प्रशिक्षक के रूप में संस्था के सदस्य अशोक कुमार सिंह ने प्रतिभागियों को तनाव के कारणों, उसके मनोवैज्ञानिक प्रभावों तथा समाधान के व्यावहारिक तरीकों से अवगत कराया। उन्होंने इंटरैक्टिव गतिविधियों के माध्यम से नवनियुक्त एवं प्रशिक्षणरत पुलिसकर्मियों को तनाव प्रबंधन की तकनीकों का व्यवहारिक अभ्यास भी कराया, जिससे प्रतिभागियों ने सरल एवं प्रभावी उपायों को स्वयं अनुभव कर सीखा।
विशेष वक्ता के रूप में संस्था की निदेशक डॉ. कृष्णा सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि पुलिस सेवा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि एक संवेदनशील एवं उत्तरदायी दायित्व है, जिसमें प्रत्येक निर्णय समाज की सुरक्षा, विश्वास एवं न्याय व्यवस्था को प्रभावित करता है। उन्होंने पुलिसकर्मियों के लिए मानसिक रूप से संतुलित, सजग एवं दृढ़ रहने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में पुलिसकर्मी लगातार चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कार्य करते हैं, ऐसे में तनाव प्रबंधन की वैज्ञानिक एवं व्यवहारिक तकनीकों का ज्ञान उन्हें व्यक्तिगत व पेशेवर दोनों स्तरों पर सशक्त बनाता है।कार्यशाला में नवनियुक्त पुलिसकर्मियों सहित अन्य प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए विषय से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की और गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने ऐसी कार्यशालाओं को नियमित रूप से आयोजित किए जाने की आवश्यकता जताई।कार्यक्रम को सफल बनाने में श्री शिवकुमार (पीटीआई) का विशेष सहयोग रहा। इसके अलावा श्रीमती सुमन वर्मा, हरिओम वर्मा एवं वालंटियर कुमकुम ने भी आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।अंत में आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।














































































