बरेली। प्राइवेट व पब्लिक स्कूलों द्वारा मनमानी फीस वसूली, महंगी किताबों और ड्रेस के विरोध में शिवसेना ने जोरदार प्रदर्शन किया। शिवसेना पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिला प्रमुख दीपक पाठक के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जिला अधिकारी कार्यालय पहुंचकर शिक्षा मंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा और सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। दीपक पाठक ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था, खासकर निजी स्कूलों में, पूरी तरह व्यवसाय का रूप ले चुकी है। सरकारी स्कूलों में शिक्षा स्तर संतोषजनक न होने के कारण अभिभावक मजबूरी में निजी स्कूलों का रुख करते हैं, जिसका फायदा उठाकर स्कूल प्रबंधन आर्थिक शोषण कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हर वर्ष एक ही विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों से दोबारा एडमिशन शुल्क लिया जाता है। साथ ही, निर्धारित दुकानों से महंगी किताबें खरीदने के लिए बाध्य किया जाता है, जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। शिवसेना ने मांग की कि एडमिशन शुल्क पर रोक लगे, अभिभावकों को किताबें व ड्रेस कहीं से भी खरीदने की स्वतंत्रता मिले और निजी स्कूलों की फीस पर सरकार सख्त नियंत्रण सुनिश्चित करे। प्रदर्शन के दौरान राजीव पांडे, संतोष सिंह, विनोद मिश्रा, विश्व प्रताप सिंह, कन्हैया मिश्रा,ओमपाल गंगवार , ज्योति कश्यप, आराध्या श्रीवास्तव, रुद्राणी श्रीवास्तव , अमर सिंह, आलोक , सोनू पाठक ,रूबी मिश्रा, राधा कृष्ण पाठक, सोनू कश्यप , विशाल साहू, वीरू राठौर, लक्ष्मी शर्मा, दीपक राठौर , लखन मिश्रा, राजाराम शर्मा , नवीन शर्मा, शिवम उपाध्याय आदि मौजूद रहे।