शेखूपुर में ‘पीडीए’ को धार देने पहुंचे पूर्व मंत्री आबिद रज़ा, कश्यप समाज के महंत ने तिलक कर किया सम्मान
बदायूँ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर चल रहे ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) अभियान के तहत जिले की शेखूपुर विधानसभा में सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व मंत्री आबिद रज़ा इन दिनों पूरे बदायूँ जनपद में जनसंपर्क अभियान चलाकर पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हैं। इसी क्रम में उनका शेखूपुर विधानसभा क्षेत्र का लगातार दौरा चर्चा का केंद्र बना हुआ है।पूर्व मंत्री आबिद रज़ा ने बीते दिन शेखूपुर क्षेत्र के कई गांवों में पहुंचकर जनसभाएं कीं और लोगों से सीधा संवाद स्थापित किया। उनके दौरे के दौरान यादव, मुस्लिम तथा अन्य सेकुलर हिंदू समुदाय के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और जगह-जगह उनका जोरदार स्वागत किया गया। कई गांवों में उनके पहुंचने पर फूलों की वर्षा की गई, जिससे साफ संकेत मिला कि क्षेत्र में सपा के प्रति जनाधार अभी भी मजबूत है।इस दौरान जब आबिद रज़ा कश्यप बाहुल्य गांव ललसी नगला पहुंचे, तो वहां का माहौल पूरी तरह धार्मिक और सामाजिक एकता का प्रतीक बन गया। कश्यप समाज के लोगों ने उन्हें गांव के प्राचीन शिव मंदिर में ले जाकर सम्मानित किया, जहां मंदिर के महंत ने उन्हें विधिवत तिलक लगाकर आशीर्वाद प्रदान किया। इस सम्मान समारोह ने राजनीतिक कार्यक्रम को सामाजिक समरसता का संदेश भी दिया।अपने जनसंपर्क अभियान के दौरान आबिद रज़ा ने सिर्फ एक वर्ग विशेष ही नहीं, बल्कि कश्यप समाज, पिछड़ा वर्ग, दलित समाज, यादव समाज और मुस्लिम समाज के लोगों से मुलाकात की। उन्होंने हर वर्ग की समस्याएं सुनीं और उन्हें पार्टी की नीतियों से अवगत कराया। खास बात यह रही कि इस दौरान कई स्थानों पर जनता ने खुलकर अपनी नाराजगी भी जाहिर की।जनता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी की विचारधारा से कोई शिकायत नहीं है, लेकिन वर्तमान विधायक के कामकाज से वे बेहद असंतुष्ट हैं। लोगों का कहना था कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने पार्टी और अखिलेश यादव के सम्मान में वोट देकर विधायक को जिताया था, लेकिन जीत के बाद विधायक ने क्षेत्र की जनता की ओर पलटकर नहीं देखा।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बीते साढ़े चार वर्षों में न तो गांवों की सड़कों का निर्माण हुआ, न ही आम जनता की समस्याओं का समाधान किया गया। पुलिस-प्रशासन द्वारा कथित उत्पीड़न के मामलों में भी विधायक ने कोई हस्तक्षेप नहीं किया। विशेष रूप से ककराला कांड का जिक्र करते हुए लोगों ने कहा कि सैकड़ों बेगुनाह लोगों पर कार्रवाई हुई, लेकिन स्थानीय जनप्रतिनिधि ने उनके पक्ष में आवाज नहीं उठाई।

इसके अलावा जनता ने यह भी आरोप लगाया कि विधायक निधि का उपयोग भी निष्पक्ष तरीके से नहीं किया गया। हाईमास्ट, स्वागत द्वार और यात्री शेड जैसे कार्य तो कराए गए, लेकिन पार्टी के मूल समर्थकों और कार्यकर्ताओं को उसका लाभ नहीं मिला। यहां तक कि विकास कार्यों का ठेका भी सीमित लोगों को ही दिया गया, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ा।जनता की नाराजगी उस समय खुलकर सामने आई जब लोगों ने एक सुर में नारा लगाया—“अखिलेश जी से बैर नहीं, विधायक तेरी खैर नहीं।” इस नारे ने साफ संकेत दिया कि स्थानीय स्तर पर नेतृत्व को लेकर असंतोष है, लेकिन पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर भरोसा बरकरार है।इस मौके पर पूर्व मंत्री आबिद रज़ा ने जनता की भावनाओं को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि वे उनकी बात पार्टी नेतृत्व तक जरूर पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि जनता की शिकायतों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और पार्टी स्तर पर उचित निर्णय लिया जाएगा।आबिद रज़ा ने अपने संबोधन में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ता और समर्थक गांव-गांव जाकर पार्टी के ‘पीडीए’ अभियान को मजबूत करें और अधिक से अधिक लोगों को समाजवादी पार्टी से जोड़ें। उन्होंने विशेष रूप से सेकुलर हिंदू समाज को जोड़ने पर जोर दिया।उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान हालात में किसान, मजदूर, नौजवान, छात्र और महिलाएं सभी परेशान हैं। महंगाई और रोजमर्रा की जरूरतों की समस्याओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आम जनता को गैस सिलेंडर तक आसानी से उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ रही है।आबिद रज़ा ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता बदलाव चाहती है और आने वाले चुनाव में समाजवादी पार्टी को एक बार फिर मौका देने का मन बना चुकी है। उन्होंने भरोसा जताया कि वर्ष 2027 में अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाना ही जनता का लक्ष्य है।अंत में उन्होंने क्षेत्र की जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनके घर के दरवाजे हमेशा आम लोगों के लिए खुले हैं और वे हर संभव मदद करने के लिए तैयार रहेंगे। उन्होंने कहा कि जनता के सहयोग और विश्वास के बल पर ही समाजवादी पार्टी एक बार फिर सत्ता में वापसी करेगी।इस पूरे जनसंपर्क अभियान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि शेखूपुर विधानसभा में राजनीतिक माहौल तेजी से बदल रहा है और आगामी चुनाव को लेकर सभी दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।














































































