बरेली। जन समस्याओं के समाधान में लापरवाही के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिला प्रवक्ता मोहम्मद हाजी इकबाल के नेतृत्व में किसानों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारी कार्यालय में दिया । किसानों ने आरोप लगाया कि तहसीलों, थानों, ब्लॉकों व अन्य सरकारी कार्यालयों में दिए जाने वाले प्रार्थना पत्रों का समय से निस्तारण नहीं होता, जिससे किसानों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। ज्ञापन में आवारा पशुओं, बंदरों व जंगली सूअरों से फसलों को हो रहे नुकसान पर रोक लगाने की मांग की गई। साथ ही आम व आलू की फसलों के लिए समर्थन मूल्य घोषित कर सरकारी खरीद सुनिश्चित करने की बात कही गई। किसानों ने बताया कि उत्पादन लागत अधिक होने के बावजूद मंडियों में उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में गंदगी, चोक नालियां, जलभराव व टूटी सड़कों की समस्या भी प्रमुख रूप से उठाई गई। जल निगम द्वारा पाइपलाइन डालने के बाद सड़कों की मरम्मत न करने पर नाराजगी जताई गई। इसके अलावा फसलों के नुकसान का मुआवजा, समय पर गेहूं खरीद भुगतान, पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर नियंत्रण तथा यातायात व्यवस्था सुधारने की मांग की गई। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा।