किसानों की समस्याओं को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनैतिक) ने सौंपा मांग पत्र
बरेली। संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनैतिक के आवाहन पर किसानों की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं के समाधान को लेकर भारतीय किसान यूनियन महत्मा टिकैत के जिला अध्यक्ष दुर्गेश मौर्य के नेतृत्व में महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय में सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। इसमें केंद्र एवं राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए किसानों से जुड़ी प्रमुख मांगों को उठाया गया।
मांग पत्र में कहा गया कि देश का किसान वर्तमान समय में अनेक गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है, जिनके समाधान के लिए ठोस कदम उठाना आवश्यक है। किसानों की प्रमुख मांगों में रबी सीजन की फसलों, विशेषकर गेहूं और सरसों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद सुनिश्चित करने की बात कही गई है। साथ ही हरियाणा सरकार द्वारा लागू की गई जटिल प्रक्रियाओं जैसे गेट पास के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन और ट्रैक्टर-ट्रॉली पर नंबर प्लेट का फोटो अपलोड को अव्यवहारिक बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की गई है।इसके अतिरिक्त किसानों ने गेहूं क्रय केंद्रों को न्याय पंचायत स्तर पर स्थापित करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि शहरों में क्रय केंद्र होने से किसानों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता और अक्सर कर्मचारियों व व्यापारियों की सांठगांठ के कारण किसानों की उपज की खरीद प्रभावित होती है।मांग पत्र में आलू के गिरते दामों पर चिंता जताते हुए आलू उत्पादक किसानों के लिए विशेष राहत पैकेज और उचित मूल्य पर खरीद सुनिश्चित करने की मांग की गई है। किसानों ने कहा कि लागत मूल्य तक न मिलने से वे आर्थिक संकट में हैं।इसके अलावा भारत-अमेरिका प्रस्तावित व्यापार समझौते में कृषि, डेयरी और पोल्ट्री क्षेत्र को शामिल न करने तथा विदेशी कृषि उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध लगाने की मांग भी उठाई गई है, ताकि देश के किसानों के हित सुरक्षित रह सकें। किसान नेताओं ने यह भी मांग की कि किसान आंदोलनों के दौरान दर्ज सभी मुकदमों को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।
किसानों ने विश्वास जताया कि उनकी इन मांगों पर गंभीरता से विचार कर सरकार आवश्यक कदम उठाएगी, जिससे उन्हें राहत मिल सके।














































































