भगवान महावीर स्वामी का 2625 वां जन्म कल्याणक महामहोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया निकाली शोभायात्रा
बरेली। शहर के दोनों ही जैन मंदिरों में भगवान का अभिषेक, शांति धारा स्वर्ण कलशों द्वारा व नित्य नियम पूजन के उपरांत 48 दीपों की आरती पश्चात हरा ध्वज दिखा के भव्य शोभायात्रा को जैन मंदिर रामपुर गार्डन से गतिमान किया गया।
कमेटी के मंत्री सतेंद्र कुमार जैन एड. ने इस अवसर पर कहा कि भगवान महावीर के युग में हिंसा थी, पर हिंसा के उतने साधन नहीं थे, आज मनुष्य ने धरती को 17 बार नष्ट करने की सामग्री तक तैयार कर ली है, भगवान महावीर का दिया अहिंसा का सिद्धांत जो सभी प्राणियों को अपने समान देखने, आत्मा मानने, जीने देने की ओर प्रेरित करता है, धरती को बचा सकता है।
महोत्सव के मीडिया प्रभारी सौरभ जैन ने कहा कि पूरे विश्व में जिस सहअस्तित्व को भूल एक देश दूसरे देश के प्रति हिंसा कर रहे हैं, उन्हें हजारों वर्षों पूर्व दिए भगवान महावीर स्वामी के दिव्य संदेश को सुनना चाहिए, जिससे उनके बीच वैचारिक सहिष्णुता, सहने की क्षमता विकसित हो सके।
पंडित विकास जैन ने कहा कि भगवान महावीर का आत्म संयम का संदेश आज के उन युवाओं के लिए है जो आत्म नियंत्रण और आज संयम खो कर एक दूसरे के प्रति आक्रामक हो हत्या और आत्महत्या की दुर्घटनाओं में संलिप्त हो रहे हैं।
जीओ और जीने दो का संदेश देती जिला बागपत से आई भव्य झाकियों के साथ शुरू हुई शोभायात्रा बरेली कॉलेज, नगर निगम, पटेल चौक, कुतुबखाना होती हुई जैन मन्दिर बिहारीपुर पहुंची, जहां पर भगवान महावीर स्वामी जी की प्रतिमा का अभिषेक जयकारों के बीच किया गया, तदोपरांत पुनः वहां से शोभा यात्रा इस्लामियाॅ मार्केट, अनाथालय, पटेल चौक होते हुए वापस जैन मंदिर रामपुर गार्डन पहुंच धर्म सभा में परिवर्तित हो गई, जहां पांडुशिला पर विराजमान कर भगवान का पुन: अभिषेक किया गया।
जगह जगह पर वीर भक्तों ने शोभा यात्रा का भव्य स्वागत किया। इस दौरान केसरिया, पीले और रंग बिरंगे परिधानों में सजे श्रद्धालु ढोल–नगाड़ों की थाप पर महावीर झूले पालना, तुमसे लागी लगन, महावीर तुम्हारे द्वारे पर आदि भजनों पर झूम रहे थे, उनके गगनभेदी जयकारों से शहर आस्था में डूबा नजर आया। सुबह से पूर्वाह्न तक हुए धार्मिक कार्यक्रमों के उपरांत समाज का सहभोज हुआ।
आयोजन में, सुनील कुमार जैन, ई. अनिल कुमार जैन, अतुल जैन, धनंजय जैन, सतेंद्र जैन चाहबाई, अनुभव जैन, मीनेश जैन, हनी जैन, रुचि जैन, आदि जैन, डॉ पी के जैन, राजीव जयपति, सुमन कुमार जैन, देवेंद्र जैन, पूनम जैन, लवी जैन, साधना जैन, चेतना जैन, त्रिशला जैन, सुमन जैन अरोड़ा, अश्वनी जैन, अलका जैन, संगीता जैन, रीता जैन, अर्चना जैन, राजेश जैन, संजय जैन, अंकुर जैन, भूपेंद्र जैन, राजेंद्र जैन, राजकुमार जैन, सतीश जैन, मीरा जैन, सुनीता जैन, दिनेशअनंत जैन, अभिषेक जैन,सुमेर जैन, सीमा जैन, रितु जैन, आयुषी जैन, गीता जैन, पायल जैन, अजय जैन, रजनीश जैन, के. के. माहेश्वरी, हेमलता जैन, आदि का सहयोग प्राप्त हुआ।














































































