राजकीय महाविद्यालय में एनएसएस के एक दिवसीय शिविर में वित्तीय साक्षरता कार्यशाला हुई
बदायूँ। आवास विकास स्थित राजकीय महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना के एकदिवसीय विशेष शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य आकर्षण वित्तीय साक्षरता पर केंद्रित कार्यशाला रही, जिसमें सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) के विशेषज्ञ मोहम्मद इजहार हुसैन ने छात्र छात्राओं को वित्तीय प्रबंधन के महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का उद्घाटन महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रद्धा गुप्ता ने किया।
कार्यशाला इंटरैक्टिव सत्र के रूप में चली, जहां छात्र छात्राओं ने जीवंत चर्चा में भाग लिया। एक छात्रा ने पूछा, “कम आय में कैसे निवेश शुरू करें?” तो विशेषज्ञ ने पीपीएफ, आरडी और छोटे एसआईपी के विकल्प सुझाए। अन्य सवालों में पीएम जन धन योजना, एटीएम फ्रॉड और क्रिप्टोकरेंसी के खतरे शामिल रहे, जिनके उत्तरों ने सभी को प्रभावित किया।
कार्यशाला में सैकड़ों छात्र छात्राओं ने भाग लिया। मोहम्मद इजहार हुसैन ने वित्तीय साक्षरता के बुनियादी सिद्धांतों जैसे बचत, निवेश, शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड, बीमा और धोखाधड़ी से बचाव पर सरल भाषा में व्याख्यान दिया। उन्होंने छात्र छात्राओं को बताया कि वित्तीय साक्षरता आर्थिक स्वतंत्रता की कुंजी है, खासकर महिलाओं के लिए जो पारिवारिक और सामाजिक जिम्मेदारियों को संभालती हैं।
प्राचार्य डॉ श्रद्धा गुप्ता ने कहा कि “वित्तीय अनपढ़ता गरीबी का कारण बनती है, जबकि साक्षरता धन सृजन का साधन है। छात्राएं यदि आज सीखेंगी तो कल स्वावलंबी बनेंगी,”
एनएसएस के नोडल अधिकारी डॉ राकेश कुमार जायसवाल ने आभार ज्ञापित करते हुए कहा कि यह शिविर महाविद्यालय के विद्यार्थियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम अधिकारी डॉ सतीश सिंह यादव ने किया। इस अवसर पर डॉ अनिल कुमार, डॉ ज्योति बिश्नोई, डॉ दिलीप कुमार वर्मा, डॉ संजय कुमार, डॉ प्रेमचंद, डॉ गौरव कुमार सिंह,जुनेद आलम, डा राशेदा खातून, डॉ प्रियंका आदि उपस्थित रहे।














































































