बीमारियों से बचाव को सक्रिय दिनचर्या के साथ पौष्टिक एवं संतुलित आहार जरूरी

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बरेली। एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज में आयोजित दो दिवसीय कांफ्रेंस दूसरी यूपीसीसीडीएसआईकोन और एसआरएमएस मेडिसिन अपडेट के छठे संस्करण के दूसरे दिन छह सत्रों में विशेषज्ञों ने कार्डियो-मेटाबोलिक और फैटी लीवर जैसी जीवनशैली से संबंधित बीमारियों पर गहन चर्चा की। सभी ने इन बीमारियों के इलाज के साथ इनकी रोकथाम पर ज्यादा जोर दिया और इसके लिए सक्रिय दिनचर्या के साथ ही पौष्टिक एवं संतुलित आहार पर जोर दिया।एसोसिएशन ऑफ फिजीशियन ऑफ इंडिया की बरेली शाखा (एपीआई) के सहयोग से एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज के जनरल मेडिसिन विभाग और क्लिनिको कार्डियो डायबिटीज सोसायटी ऑफ इंडिया यूपी चैप्टर (यूपीसीसीडीएसआई) की ओर से आयोजित दो दिवसीय छठी एसआरएमएस मेडिसिन अपडेट और दूसरी यूपीसीसीडीएसआईकोन कांफ्रेंस का रविवार को समापन हुआ। दूसरे दिन हुए 6 साइंटिफिक सत्रों में देश भर से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों ने कार्डियो-मेटाबोलिक रोगों, मेटाबोलिक डिस्फंक्शन एसोसिएटेड स्टेटोटिक लीवर डिजीज (MASLD), सीकेएम सिंड्रोम और कार्डियो-रीनल-डायबिटीज के आधुनिक प्रबंधन पर विस्तृत चर्चा की। कार्डियो-मेटाबोलिक क्रॉसरोड्स सत्र में डा.राजीव गोयल (बरेली), डॉ.राजीव श्रीवास्तव (सुल्तानपुर), डॉ.सतेंद्र सोनकर (केजीएमयू), डॉ.प्रियंका बुधवानी (एम्स गोरखपुर), डॉ.सतीश कुमार (केजीएमयू) और डा.प्रिंसी जैन (एलएचएमसी नई दिल्ली) जैसे विशेषज्ञों ने एचबीएवनसी की सीमाओं, हार्ट फेल्योर गाइडलाइन, सीकेडी सिंड्रोम में एनीमिया मैनेजमेंट, पीसीओएस एवं कार्डियोवैस्कुलर रिस्क, डायबिटीज में इंटरमिटेंट फास्टिंग और सबक्लिनिकल हायपो थाइरॉइडिस्म जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी अपने विचार प्रस्तुत किए।

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हार्ट एंड शुगर इंटरफेस सेशन में मधुमेह और मस्तिष्क के मेटाबोलिक संबंध तथा डायलेटेड कार्डियोमायोपैथी में प्रीलोड आप्टिमाइजेशन जैसे विषय पर पीके महेश्वरी (एसएनएमसी, आगरा), डा.दीप चंद्र पंत (एसआरएमएस बरेली) ने चर्चा की। एमएएसएलडी मास्टर क्लास ‘जेंडर, जेनेटिक्स और गट’ पर डा.मीनाक्षी अवस्थी (बीआरडी गोरखपुर), डॉ.अमित गोयल (एसजीपीजीआई लखनऊ) और डा.एसके गौतम (जीएसवीएम कानपुर) ने व्याख्यान दिया। कांफ्रेंस के एजूकेटर्स फोरम सत्र में डॉ.निर्मल यादव (एसआरएमएस बरेली), डॉ.जयंत पांडा (एससीबीएमसी कटक), डॉ.मीना छाबरा (एसजीआरएच नई दिल्ली) और डा.सुदीप सरन (बरेली) ने मेडिकल शिक्षा में नई शिक्षण पद्धतियों, एक्सरसाइज एक्टिविटी, ओबेसिटी सोल्यूसन तथा ओबेसिटी मेडिसिन की उपयोगिता पर व्याख्यान दिया। कांफ्रेंस के अंतिम सत्र कार्डियो रीनल एवं डायबिटीज केयर रीडिफाइंड में डा.डी बंदोपाध्याय (एनबीएमसी दार्जिलिंग), डा.आलोक के गुप्ता (गोरखपुर), डा.मृत्युंजय सिंह (गया), डा.पारुल सिंघल (काशीपुर), डॉ.संजय श्रीवास्तव (जिम्स नोयडा) ने मधुमेह के मरीज की देखभाल में सेमग्लूटाइड की भूमिका और फुट केयर के महत्व पर अपने अनुभव साझा किए। इस अवसर पर क्लिनिको कार्डियो डायबिटिक सोसायटी ऑफ इंडिया के फाउंडर प्रेसिडेंट डा.एएन राय, कांफ्रेंस की ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी एवं एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज स्थित मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रोफेसर (डॉ.) स्मिता गुप्ता, साइंटिफिक चेयरमैन डा.सुदीप सरन (बरेली), डा.सीमा सेठ (आरएमसीएच बरेली), साइंटिफिक सेक्रेटरी डॉ.दीपक दास, को ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ.विद्यानंद झा, डॉ.तनु अग्रवाल, डा.आंचल अग्रवाल, डॉ.सुनील कुमार, डॉ.दिव्यांत रावल, डॉ.संदीप गुप्ता, डॉ.एमके रस्तोगी, डॉ.मालिनी कुलश्रेष्ठ, डॉ.शशिबाला आर्य, डॉ.शक्ति कंसल, डॉ.हारुन इकबाल, डॉ.महेश चंद्रा, डॉ.सीके जैन, डॉ.एसके अग्रवाल, डॉ.अमरेश अग्रवाल, डा.श्रुति शर्मा, डॉ.एमएल अग्रवाल, डॉ.डब्ल्यू पी सिंह, डॉ.बीएस होरा, डॉ.शरद अग्रवाल, डॉ.केसी लोहानी, डॉ.अनिल कुमार, डॉ.एके श्रीवास्तव, डॉ.रमिंदर सिंह, सभी विभागाध्यक्ष और कांफ्रेंस की ऑर्गनाइजिंग कमेटी के सदस्य और पीजी विद्यार्थी मौजूद रहे।

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