बरेली। आस्ताना-ए-आलिया मोहम्मदिया (दरगाह वली मियाँ) में पीर-ए-तरीक़त क़ुतुबुल अक्ताब क़िब्ला अल्हाज मौलाना शाह वली मोहम्मद रहमतुल्लाह अलैह के एक रोज़ा विसाली कुल शरीफ़ की रस्म अकीदत के साथ अदा की गई। रमज़ानुल मुबारक के पवित्र महीने में दरगाह पर सभी रोज़ेदारों के लिए सहरी का विशेष इंतज़ाम किया गया। कार्यक्रम का आगाज़ क़ारी गुलाम यासीन ने तिलावत-ए-कलामुल्लाह से किया। इसके बाद कैफ मोहम्मदी, फ़ारूक मदनापुरी और सरफराज वजीरगंजवी सहित अन्य अकीदतमंदों ने हज़रत वली मियाँ रहमतुल्लाह अलैह की शान में मनक़बत पेश कर श्रद्धा व्यक्त की। क़ारी गुलाम यासीन मोहम्मदी ने हज़रत वली मियाँ की सीरत पर प्रकाश डालते हुए रमज़ानुल मुबारक की फ़ज़ीलत बयान की। सलात व सलाम के बाद प्रातः लगभग 4 बजे फ़ातिहा पढ़कर कुल शरीफ़ की रस्म अदा की गई। इसके पश्चात हज़रत वली मियाँ के खलीफा व सज्जादानशीं अल्हाज अनवर मियाँ हुज़ूर ने दुआ-ए-खैर कराई। कुल शरीफ़ में शहर सहित बाहर से आए ज़ायरीन ने भी शिरकत की। इस मौके पर सय्यद नाज़िर अली (चाँद), वसी उल्लाह, मोहम्मद हुसैन, फ़िरासत, इलियास, अब्दुल कय्यूम, रियासत, ज़ुबैर खान, वामिक शम्सी, राशिद, डॉ. खालिद, शमीम खान, असलम, डॉ. हारून इक़बाल, फ़राज़ शम्सी, शाहनवाज़ खान, मेराज, सईद शम्सी, हारून खान, सरफ़राज़ अनवरी, सलमान शम्सी सहित अनेक अकीदतमंद मौजूद रहे।