मदर्स पब्लिक स्कूल में अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस मनाया गया,नन्हे कदमों ने झुककर किया श्रम का सम्मान
बदायूं। उझानी रोड स्थित मदर्स पब्लिक स्कूल में अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस इस बार केवल एक तारीख नहीं, बल्कि सम्मान, संवेदना और कृतज्ञता का जीवंत उत्सव बन गया, जहां हर नजर में आदर था और हर दिल में उन मेहनतकश हाथों के लिए सच्चा सम्मान, जो रोज़ चुपचाप विद्यालय को संवारते हैं।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना सभा से हुई, लेकिन माहौल तभी खास बन गया जब विद्यार्थियों ने अपने शब्दों में श्रमिकों के महत्व को इस तरह पिरोया कि हर सुनने वाला भावुक हो उठा—बच्चों ने बताया कि कोई भी काम छोटा नहीं होता, हर कार्य समाज की मजबूत नींव है। इसके बाद वह पल आया जिसने पूरे कार्यक्रम को यादगार बना दिया, जब विद्यालय के सफाई कर्मचारी, माली, सुरक्षा गार्ड और अन्य सहायक स्टाफ को मंच पर आमंत्रित कर सम्मानित किया गया, विद्यार्थियों ने अपने हाथों से उन्हें प्रशंसा पत्र और उपहार भेंट किए, और जैसे ही सम्मान उनके हाथों में पहुंचा, उनके चेहरों पर खिली मुस्कान ने बता दिया कि सच्चा सम्मान क्या होता है। विद्यालय की प्रबंधक डॉ. मानसी यादव ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी संस्था की असली ताकत उसके कर्मचारी होते हैं और यदि हम उनके योगदान को समझ लें, तो यही सच्ची शिक्षा होगी, वहीं प्रधानाचार्या स्तुति पुरवार ने भी श्रमिकों के समर्पण को नमन करते हुए कहा कि समाज और देश की प्रगति इन्हीं मेहनतकश लोगों के कंधों पर टिकी है, उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे हर श्रमिक के प्रति सम्मान और आभार का भाव रखें, क्योंकि हर काम की अपनी गरिमा होती है और वही गरिमा हमें इंसान बनाती है। कार्यक्रम के अंत में जब सभी विद्यार्थियों ने एक साथ यह संकल्प लिया कि वे जीवन भर श्रमिकों का सम्मान करेंगे और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक रहेंगे, तो यह आयोजन सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक ऐसी सीख बन गया जो दिलों में बस गई—मदर्स पब्लिक स्कूल का यह प्रयास सच में यह संदेश दे गया कि असली शिक्षा किताबों में नहीं, बल्कि इंसानियत और सम्मान के भाव में छिपी होती है।















































































