बरेली। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय आह्वान पर शनिवार को जिले में शिक्षकों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर विशाल धरना-प्रदर्शन किया। धरने की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष नवनीत कुमार शर्मा ने की। इस दौरान शिक्षकों ने अपनी प्रमुख मांगों से संबंधित ज्ञापन मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक को सौंपा। धरने के माध्यम से शिक्षकों ने चयन बोर्ड अधिनियम की धारा 18 व 21 की बहाली, पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को पुनः लागू करने, समान कार्य के लिए समान वेतन, 22 मार्च 2016 की राजाज्ञा का लाभ देने, तदर्थ शिक्षकों के विनियमितीकरण तथा व्यावसायिक शिक्षकों को पूर्णकालिक दर्जा देने जैसी मांगों को प्रमुखता से उठाया। मंडलीय अध्यक्ष डॉ. रणविजय सिंह ने कहा कि शिक्षकों की स्थानीय समस्याओं से विभाग को पहले ही अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ है। वहीं मंडलीय मंत्री डॉ. नरेश सिंह ने कहा कि शिक्षक समाज का दर्पण होता है, लेकिन आज वही शिक्षक अपने अधिकारों और पुरानी पेंशन जैसी मूलभूत मांगों के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर है। धरने को डॉ. लाखन सिंह यादव, डॉ. संतोष गुप्ता, डॉ. अखिलेश श्रीवास्तव, डॉ. अवनीश कुमार यादव, ओमप्रकाश राय, अरविंद कुमार उपाध्याय, गोविंद दीक्षित, मुनीश गंगवार, संजीव महरोत्रा, मुकेश सक्सेना सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया। धरना समाप्ति के बाद पूर्व जिला विद्यालय निरीक्षक अमरकांत के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर शोक व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का संचालन जिला मंत्री मुन्नेश कुमार अग्निहोत्री ने किया। इस अवसर पर जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से सैकड़ों शिक्षक और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।