बदायूं में ‘पीरियड पाठशाला–0 .2’ का शुभारंभ, किशोरियों को दी गई प्रारंभिक पीरियड औऱ स्वच्छता की जानकारी
बदायूं। होपयूनिटी हेल्पिंग वेलफेयर फाउंडेशन के तत्वावधान में ‘पीरियड पाठशाला–0 . 2’ अभियान का शुभारंभ आज राजा राम महिला इंटर कॉलेज,में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन विद्यालय की प्राचार्या डॉ. अनीता द्वारा किया गया। उन्होंने छात्राओं को संबोधित करते हुए व्यक्तिगत स्वच्छता और स्वास्थ्य के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।कार्यक्रम के दौरान संस्था की निदेशक डॉ. कृष्णा सिंह ने किशोरियों को प्रथम बार मासिक धर्म आने पर बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने स्वच्छता बनाए रखने, संतुलित खान-पान पर ध्यान देने तथा किसी भी प्रकार की झिझक या डर से बचने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने छात्राओं को प्रेरित किया कि वे इस विषय में सबसे पहले अपने माता-पिता और विद्यालय के शिक्षकों से खुलकर संवाद करें।इसी क्रम में महिला कल्याण विभाग की जिला समन्वयक छवि वैश्य ने मासिक धर्म से जुड़े अंधविश्वासों पर प्रकाश डालते हुए उन्हें दूर करने का संदेश दिया। वहीं स्वास्थ्य विभाग से किशोर स्वास्थ्य परामर्शदाता मोहित कुमार, जो कि Rashtriya Kishore Swasthya Karyakram एवं उत्तर प्रदेश की किशोर अनुकूल स्वास्थ्य सेवाओं से संबद्ध हैं, ने पीरियड्स की उपयोगिता, स्वच्छता प्रबंधन तथा गर्भाशय ग्रीवा कैंसर (सर्वाइकल कैंसर) से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।संस्था द्वारा संचालित इस अभियान के अंतर्गत बदायूं जनपद एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की 10 वर्ष से अधिक आयु की किशोरियों के लिए विशेष कक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है। इन सत्रों में छात्राओं को मासिक धर्म के शुरुआती चरण, स्वच्छता प्रबंधन तथा स्वस्थ जीवनशैली के बारे में जागरूक किया जाएगा और उनके प्रश्नों का समाधान भी किया जाएगा।संस्था के अनुसार यह जागरूकता अभियान पूरे मई माह तक संचालित रहेगा, जिसके माध्यम से अधिक से अधिक छात्राओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। उल्लेखनीय है कि यह मुहिम संस्था द्वारा पिछले लगभग 2 वर्षों से निरंतर चलाई जा रही है, जिसके तहत अब तक करीब 25 हजार छात्राओं तक महत्वपूर्ण जानकारी पहुंचाई जा चुकी है। आगामी सत्र में लगभग 1,00,000 और छात्राओं तक इस पहल को विस्तारित करने का संकल्प लिया गया है।कार्यक्रम के अंत में छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता दिखाते हुए अपने सवाल रखे और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त किया। यह पहल किशोरियों के स्वास्थ्य, जागरूकता और आत्मविश्वास को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।















































































