बरेली। रमज़ान के पाक महीने में इबादत और आत्मचिंतन का विशेष महत्व होता है। इसी क्रम में मलूकपुर निवासी अब्बास कुरैशी ने अल्लाह की इबादत के लिए 10 दिनों के ऐतेकाफ में बैठकर इबादत शुरू कर दी है। अब्बास कुरैशी समाजवादी पार्टी की पूर्व प्रदेश सचिव फरजाना कुरैशी के 17 वर्षीय बड़े बेटे हैं। बताया गया कि रमज़ान के आखिरी अशरे में मुसलमान मस्जिद में रहकर पूरी तरह इबादत में समय बिताते हैं, जिसे ऐतेकाफ कहा जाता है। इस दौरान व्यक्ति दुनियावी कामों से दूर रहकर नमाज़, कुरआन की तिलावत, जिक्र और दुआ में समय गुजारता है तथा अपने गुनाहों से तौबा करता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार जो व्यक्ति सच्चे दिल से ऐतेकाफ में बैठता है, वह अल्लाह के बेहद करीब हो जाता है और उसकी इबादत का सवाब बहुत बड़ा माना जाता है। उलेमा के मुताबिक ऐतेकाफ करने वाले को अल्लाह तआला एक हज और दो उमरे के बराबर सवाब अता फरमाते हैं। परिवार और जानने वालों ने भी अब्बास कुरैशी के इस कदम की सराहना की और उनके लिए दुआ की कि अल्लाह उनकी इबादत को कबूल फरमाए और उन्हें नेक राह पर कायम रखे। रमज़ान के इस पवित्र माह में शहर की कई मस्जिदों में बड़ी संख्या में लोग ऐतेकाफ में बैठकर इबादत कर रहे हैं।