नोमहला शरीफ़ में कुरआन मुक़म्मल,देश की तरक़्क़ी,अमन को ख़ुसूसी दुआ
बरेली। रमज़ान शरीफ़ 21वीं शब को सिविल लाइन स्थित मस्जिद नोमहला शरीफ़ में नमाज़े तरावीह के दौरान क़ुरआन मुक़म्मल हुआ,नमाज़ियों ने शुक्र-ए-खुदा अदा किया,
बरेली के ऐतिहासिक नोमहला शरीफ़ में रमज़ान शरीफ़ की 21वीं शब को कुरआन मुक़म्मल (खत्म-ए-कुरआन) का यह पवित्र मौका अल्लाह की रहमत और बरकत का सबूत है।मस्जिद नोमहला शरीफ़ बरेली की एक पुरानी और ऐतिहासिक मस्जिद है, जो 1857 की क्रांति के समय भी महत्वपूर्ण रही।हाफ़िज़ क़ारी मुफ़्ती वासिफ रजा ने नमाज़े तरावीह में हर रोज़ 20 रकअत में कुरआन मुक़म्मल सुनाया।इस मौके पर मस्जिद के इमाम मुफ़्ती अब्दुल बाक़ी मरकज़ी ने रमज़ान की फ़ज़ीलत को बयां किया।
बरेली हज सेवा समिति के पम्मी ख़ाँ वारसी ने इस मुबारक़ मौके पर कहा कि अल्लाह हम सबकी इबादतों को कुबूल करें उन्होंने अपील करते हुए कहा कि मदद सबसे पहले अपने आसपास के ज़रूरतमन्दो ख़्याल करें।उनको क्या ज़रूरत है वो पास के रहने वाले बेहतर जानते है।खामोशी के साथ लोगों की मदद करें ताकि उदास दिलो को भी ईद की खुशियां मानने का मौका मिले।
महफ़िल ए कुरआन में हाफ़िज़ क़ारी मुफ़्ती वासिफ रजा,इमाम मुफ़्ती अब्दुल बाकी मरकज़ी,मौलाना हसन रज़ा पुर्नवी को तोहफों से नवाजा गया,नमाज़ियों को फूलों के हार पहनाकर इत्र लगाकर इस्तक़बाल किया।
ख़ुसूसी दुआ में मुफ़्ती अब्दुल बाक़ी मरकज़ी ने मुल्क व आवाम की सलामती,ख़ुशहाली,क़ामयाबी, तरक़्क़ी, बीमारों को शिफा,बेरोजगारो को रोजगार,अमन चैन भाईचारे के लिये दुआ की।
इस मौके पर नायब इमाम मौलाना हसन रज़ा पुर्नवी ने अपनी तकरीर में कहा कि रमज़ान नेकियों को कमाने और भलाई का महीना है इसलिये हम सबको ज़रूरत है कि इंसानियत की भलाई के लिये वो काम करें जिससे हमारा रब हमसे राज़ी हो जाएं।
इस मौके पर कासिम रज़वी,आसिम कुरैशी,सलीम साबरी, नईम,इकबाल क़ुरैशी,
नाज़िम कुरैशी
नदीम कुरैशी,हसनैन खान,आरिफ़,बब्बू,आसिफ,तस्लीम कुरैशी आदि सहित बड़ी तादाद में नमाज़ी शामिल रहे।













































































