ईरान का खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर पलटवार, दोहा समेत कई बेस निशाने पर
अमेरिका और इस्राइल के संयुक्त हमले के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। इस्राइल के साथ-साथ खाड़ी देशों में मौजूद कई अमेरिकी सैन्य अड्डों को भी निशाना बनाया गया है। ईरान ने कुवैत, बहरीन, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए हैं, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है।
कतर की राजधानी दोहा में अमेरिकी सैन्य अड्डों को भी निशाना बनाया गया। कतर के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि देश को निशाना बनाकर किए गए कई हमलों को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया गया। मंत्रालय के अनुसार खतरे का पता चलते ही सुरक्षा योजना के तहत त्वरित कार्रवाई की गई और सभी मिसाइलों को कतर की धरती तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया।
ईरान के हमलों के दायरे में कतर, बहरीन, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात के अमेरिकी सैन्य अड्डे शामिल बताए जा रहे हैं। बहरीन ने पुष्टि की है कि अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के मुख्यालय को मिसाइल हमले का निशाना बनाया गया। कतर के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि पैट्रियट रक्षा प्रणाली के जरिए एक ईरानी मिसाइल को हवा में ही निष्क्रिय कर दिया गया।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी से जोरदार विस्फोट की खबर सामने आई है। बढ़ते खतरे के बीच कतर, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात ने अपना हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। इससे पहले ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने पुष्टि की थी कि उसने अमेरिकी-इस्राइल हमलों के जवाब में इस्राइल की ओर मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं।
तनाव के बीच कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी असर पड़ा है। हंगरी की विज एयर ने इस्राइल, दुबई, अबू धाबी और अम्मान से आने-जाने वाली सभी उड़ानें सात मार्च तक निलंबित कर दी हैं। जर्मनी की लुफ्थांसा ने दुबई, तेल अवीव, बेरूत और मस्कट के लिए सप्ताहांत की उड़ानें रद्द कर दी हैं। नीदरलैंड्स की केएलएम ने एम्स्टर्डम से तेल अवीव की उड़ानें स्थगित कर दी हैं। ओमान एयर ने बगदाद के लिए सभी सेवाएं रोक दी हैं। रूस ने ईरान और इस्राइल के लिए अपनी सभी उड़ानें बंद कर दी हैं, जबकि कुवैत ने अगली सूचना तक ईरान के लिए हवाई सेवाएं निलंबित कर दी हैं। इराक ने भी अपने हवाई क्षेत्र को बंद करते हुए सभी आने-जाने वाली उड़ानों को रद्द कर दिया है। बढ़ते सैन्य तनाव ने पूरे क्षेत्र में अनिश्चितता और सुरक्षा चिंताओं को और गहरा कर दिया है।













































































