बरेली। जनसेवा ई-रिक्शा, ऑटो चालक एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों व चालकों ने बरेली ट्रैफिक पुलिस की नई रूट व्यवस्था और सख्त कार्रवाई के खिलाफ गहरा रोष व्यक्त किया है। मनजीत सिंह बिट्टू ने कहा कि ई-रिक्शा और ऑटो चालकों के लिए गलत तरीके से रूट निर्धारित किए गए हैं तथा नो-एंट्री लगाकर 20-20 हजार रुपये के चालान का भय दिखाया जा रहा है। आरोप है कि इस कारण कई चालक आर्थिक संकट में आ गए हैं और भूखमरी की स्थिति तक पहुंच रहे हैं। एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि जिस प्रकार ऑटो चालकों को 16 किलोमीटर की परिधि में संचालन की अनुमति है, उसी प्रकार ई-रिक्शा चालकों को भी समान छूट दी जानी चाहिए। वर्तमान में बनाए गए रूट लंबे और सुनसान इलाकों से होकर गुजरते हैं, जिससे सवारी कम मिलती है, समय अधिक लगता है और बैटरी भी जल्दी डिस्चार्ज हो जाती है। चालकों ने आरोप लगाया कि हाल ही में एक ई-रिक्शा चालक रंजीत यादव से भारी चालान का भय दिखाकर अवैध वसूली की गई, जिसके बाद उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। एसोसिएशन ने मामले की जांच की मांग की है। रोडवेज, आलमगिरीगंज, कुल्हाड़ापीर, चौकी चौराहा, कचहरी, किला और पटेल चौक जैसे प्रमुख स्थानों पर प्रतिबंध को भी अनुचित बताया गया है। चालकों की मांग है कि रूट व्यवस्था समाप्त कर प्रमुख सड़कों पर एक अलग लेन निर्धारित की जाए, ताकि यातायात भी सुचारु रहे और उनकी रोजी-रोटी भी चल सके। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि मांगों पर शीघ्र विचार न हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा।