महिला शिक्षक संघ ने टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में पैदल मार्च निकाल कर ज्ञापन सौंपा
बदायूँ। उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ की जिला इकाई द्वारा टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारी को सौंपा । कलेक्ट्रेट से बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च करते हुए जोरदार नारे और शिक्षक जयकारे के साथ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बदायूं में उपस्थिति दी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें भारी संख्या में महिला शिक्षिकाओं ने भागीदारी निभाई।

यह ज्ञापन जिला अध्यक्ष किरण सिंह सिसोदिया के नेतृत्व में संगठन की समस्त टीम एवं सभी महिला शिक्षिकाओं की ओर से सौंपा गया। ज्ञापन में वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।
जिला अध्यक्ष किरण सिंह सिसोदिया ने कहा कि 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षक-शिक्षिकाओं ने नियमानुसार अपनी सेवाएं प्रारंभ की थीं तथा वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। ऐसे में उन पर पुनः टीईटी की अनिवार्यता थोपना न्यायोचित नहीं है। संगठन के सभी पदार्थकारियों एवं शिक्षिकाओं ने पूर्व में नियुक्त शिक्षकों पर टेट की अनिवार्यता थोपने को अन्यायपूर्ण बताते हुए इसे समाप्त करने की मांग जोरदार तरीके से उठाई ।
संगठन ने केंद्र सरकार से मांग की कि शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए, जिससे शिक्षकों में व्याप्त असमंजस एवं चिंता समाप्त हो सके।
इस अवसर पर संगठन की समस्त पदाधिकारी एवं सदस्यगण उपस्थित रहे और सभी ने एक स्वर में शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा हेतु संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। इसमे वींना सिंह वींरवाला सिंह अंजुम खान सरोजिनी पुष्पांजलि निशा नीलम शशि प्रमिला ममता अलका गुप्ता अलका सागर कंचन सक्सेना नाहिद कोमल एकता संतोष पुष्पा सना मुजम्मिल सर्वेश रचना गोयल रेणु सुनीता मुग्धा मृदुला सुनीता शांति राखी नवनीत साधना वीना सुमन निशि सना रियाज विजेता आदि मौजूद रहे।













































































