बदायूँ में टेट अनिवार्यता के विरोध में हजारों शिक्षक सड़क पर निकले,गरजे,विरोध प्रदर्शन
बदायूं। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गत 25 सितम्बर को शिक्षकों की सेवाएं जारी रहने एवं पदोन्नति हेतु शिक्षक पात्रता परीक्षा (टी0ई0टी0) उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता संबंधी आदेश के विरोध में आज देश के समस्त प्रदेशों में संबंधित जिला मुख्यालयों के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालयों एवं जिलाधिकारी कार्यालयों पर शिक्षकों ने एकजुट होकर एक स्वर में टी0ई0टी0 की अनिवार्यता संबंधी आदेश का विरोध किया।

बताते चले कि सर्वोच्च न्यायालय ने दो माह पूर्व एक आदेश जारी किया जिसके तहत उसमें आर0टी0ई0 एक्ट 2009 का हवाला देते हुए आदेश दिया कि शिक्षकों को अपनी सेवाएं जारी रखने और पदोन्नति में टी0ई0टी0 अनिवार्य की जाए। जोकि न केवल आर00टी0ई0 एक्ट लागू होने के बाद नियुक्त शिक्षकों पर अपितु आर0टी0ई0 एक्ट लागू होने से पूर्व के शिक्षकों को भी इस आदेश के अनुपालन दायरें मे रख दिया गया।
जिससे देश के लगभग 20 लाख से अधिक आक्रोशित शिक्षकों एवं विभिन्न प्रदेशों के शिक्षक संगठनों ने एकजुट होकर उक्त आदेश के वापस लिए जाने हेतु टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया मंच का गठन कर इस बैनर के तले टी0 एफ0 आई0 के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ0 दिनेश चंद्र शर्मा एवं जूनियर हाई स्कूल (पू0मा0)शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष योगेश त्यागी के नेतृत्व में लड़ाई लड़ने के लिए रणनीति बनाई।
जिसके क्रम में गत 22 फरवरी से 25 फरवरी तक संघर्ष के दो चरण पूर्ण हो चुके हैं और तीसरे चरण में आज जनपद बदायूं में इस आदेश आक्रोशित हजारों शिक्षकों ने टीचर्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया की राष्ट्रीय सचिव संजीव शर्मा के नेतृत्व में
एक बार फिर एकजुट होकर संघर्ष करने का इतिहास दोहराया। दोपहर से बी0एस0ए0 कार्यालय में एकत्र होना शुरू हो गए।
धरना प्रदर्शन का प्रारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रजलान कर सरस्वती वंदना करके किया गया तत्पश्चात शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों एवं शिक्षकों ने मंच के माध्यम से शिक्षकों की पीड़ा व्यक्त की।
संबोधन के क्रम में आसफपुर अध्यक्ष यतेंद्र शर्मा, कादर चौक अध्यक्ष बृजेश यादव, उसावा अध्यक्ष रामसेवक वर्मा, जगत अध्यक्ष डॉ0 पंकज शर्मा, समरेर अध्यक्ष संजय यादव, वजीरगंज मंत्री सलमान खान, बिसौली अध्यक्ष मधुकर उपाध्याय, सलारपुर अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह पटेल, इस्लामनगर अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह, उझानी अध्यक्ष अरविंद दीक्षित, दहगवां अध्यक्ष दामोदर सिंह यादव, सीनियर बेसिक शिक्षक संघ अध्यक्ष अतुल श्रोत्रिय, महामंत्री अरविंद राठौर, जिला मंत्री उदयवीर सिंह यादव, जिला कोषाध्यक्ष सुशील चौधरी, जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ अध्यक्ष प्रेमानंद शर्मा, यतेंद्र कुमार, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ राजन यादव, मंत्री फरहत हुसैन आदि ने अपने विचारों के माध्यम से कड़े शब्दों में सर्वोच्च न्यायालय के उक्त आदेश का विरोध किया।
राष्ट्रीय सचिव संजीव शर्मा ने कहा कि शिक्षक को जिस भारतवर्ष में “गुरु ब्रह्मा, गुरु विष्णु, गुरु देवो महेश्वरः” की संज्ञा दी जाती हो उस सनातनी देश में अपने-अपने समय के निर्धारित मापदंडों एवं अहर्ताओं को पूरा कर सरकारी शिक्षक के रूप में नियुक्ति प्राप्त 20 से 25 वर्षों से शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षकों पर टेट अनिवार्यता जैसा कानून लागू करना निश्चय ही शिक्षकों की योग्यता पर प्रश्न चिन्ह उठाने जैसा गंभीर प्रश्न है?
यह काला कानून थौपा जाना न केवल अतार्किक अपितु घोर निंदनीय है। आरटीई एक्ट 2011 से उत्तर प्रदेश में लागू हुआ जिसे केवल 2011 के बाद नियुक्त शिक्षकों के लिए टी0ई0टी0 अनिवार्य किया गया।
विश्व में ऐसा कोई कानून नहीं है जो उस कानून के बनने से पूर्व में लागू किया गया हो तो फिर शिक्षकों का ऐसा क्या दोष है कि शिक्षकों पर बारंबार ऐसे काले कानूनों को लागू करने का कुत्सित प्रयास किया जाता है। इस लड़ाई के लिए हम सड़क से सदन तक और सदन से सर्वोच्च न्यायालय तक लड़ने के लिए तैयार है।
तत्पश्चात हजारों शिक्षक बीएसए कार्यालय से महिला शिक्षिकाओं के नेतृत्व में पैदल मार्च करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। वहां पहुंचकर माननीय प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौपा गया।
इस दौरान टीचर्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के राष्ट्रीय सचिव संजीव शर्मा, जूनियर हाई स्कूल (पू0मा0)शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष प्रेमानंद शर्मा, जिला मंत्री उदयवीर सिंह यादव, फरहत हुसैन, सीनियर बेसिक शिक्षक संघ अध्यक्ष अरविंद सिंह राठौर, मंत्री अतुल श्रोत्रिय समेत तमाम शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधि एवं शिक्षक गण मौजूद रहे।













































































