उझानी। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम गांव स्थित ब्रह्मदेव स्थल पर आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का बुधवार को विधिवत समापन हो गया। समापन अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। कोतवाली क्षेत्र के बसोमा गांव में सर्व समाज के सहयोग से आयोजित भागवत कथा के समापन के बाद भंडारे का आयोजन किया गया। बुधवार की सुबह से ही आयोजन स्थल पर भक्तों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। पूरा परिसर भक्तिमय माहौल से सराबोर नजर आया। प्रातः काल हवन-पूजन संपन्न कराया गया। हवन के पश्चात भंडारे का शुभारंभ हुआ। भंडारे में सर्वप्रथम गांव की 101 कन्याओं को भोजन कराया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं को पंगत में बैठाकर प्रेमपूर्वक भोजन कराया गया। भंडारे में सभी वर्गों के लोगों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई और सेवा भावना का परिचय दिया। इस अवसर पर कथावाचक सतीश माधव शास्त्री जी ने कहा कि अन्नदान सबसे श्रेष्ठ दान है। भंडारा सेवा, समर्पण और सामाजिक एकता का प्रतीक होता है, जिससे समाज में आपसी सद्भाव और प्रेम की भावना मजबूत होती है। इस अवसर पर सतेंद्र साहू प्रधान, जगपाल, जगदीश, अशोक, उदय पाल, नंद किशोर, सोनपाल, विपिन सोलंकी ,कुलदीप,नन्हे, राधा रमण, आशा,विमला,कामनी, प्रीति,रूपदेवी, लक्ष्मी,राधा,पार्वती, पूनम,अंकिता सहित आदि ग्रामवासी उपस्थित रहे !