यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल करते पकड़े जाने पर आजीवन कारावास व एक करोड़ का जुर्माना:प्रभारी मंत्री

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बदायूँ । भाजपा कार्यालय पर केंद्रीय बजट 2026-27 के संबंध में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) माध्यमिक शिक्षा एवं जनपद प्रभारी मंत्री गुलाब देवी ने संबोधित किया। यूजीसी के मामले पर प्रभारी मंत्री ने कहा कि कोर्ट ने इस पर रोक लगाई है इससे सरकार का कोई भी लेना देना नहीं है कोर्ट का निर्णय जो होता है उसे सबको मारना चाहिए ।

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वहीं आगामी बोर्ड परीक्षाओं पर जवाब देते हुए माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि इस बार पिछली बार की तरह और कड़ाई से परीक्षा कराई जाएगी अगर कोई नकल करते पाया गया तो उसमें आजीवन सजा का प्रावधान है । उसे पर एक करोड रुपए का भी जुर्माना कानून के हिसाब से तय किया गया है । राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने कहा वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के संकल्प को साकार करने वाला दूरदर्शी, संतुलित और सुधारोन्मुख बजट है। यह बजट केवल घोषणाओं का नहीं, बल्कि ठोस निर्णयों, स्पष्ट कार्ययोजना और जनकल्याण को केंद्र में रखने वाला बजट है। उन्होंने कहा कि बजट में देश की उत्पादकता और प्रतिस्पर्धा बढ़ाने, आम नागरिक को विकास का भागीदार बनाने तथा सबका साथ-सबका विकास के माध्यम से हर वर्ग और हर क्षेत्र तक अवसर पहुँचाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने बताया कि बजट में राजकोषीय अनुशासन बनाए रखते हुए विकास को गति दी गई है। वित्त वर्ष 2026-27 में राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद का 4.3 प्रतिशत रखा गया है। 12.2 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय से सड़क, रेल, परिवहन, आवास, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी ढांचों का विस्तार होगा, जिससे आर्थिक मजबूती के साथ बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। किसान, कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 में किसान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को विशेष प्राथमिकता दी गई है। कृषि क्षेत्र में भारत-विस्तार कृत्रिम बुद्धिमत्ता मंच के माध्यम से किसानों को फसल, मौसम और बाजार से जुड़ी सटीक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे खेती की लागत कम होगी और उत्पादकता बढ़ेगी। फसल विविधीकरण, मत्स्य पालन, ग्रामीण उद्यमिता और कृषि से जुड़े नए अवसर किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होंगे। साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से सस्ती और सुलभ ऋण सुविधा को और मजबूत किया गया है, जिससे किसानों को समय पर वित्तीय सहायता मिल सकेगी और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे। महिला सशक्तिकरण उन्होंने बताया कि बजट में महिलाओं को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास की धुरी के रूप में देखा गया है। स्वयं सहायता समूहों को उद्यमिता से जोड़ने, प्रत्येक जनपद में बालिका छात्रावास की व्यवस्था तथा शिक्षा और कौशल विकास से जुड़े प्रावधान महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएंगे। युवा, शिक्षा और कौशल विकास उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए देशभर में पंद्रह हजार विद्यालयों और पाँच सौ महाविद्यालयों में एनीमेशन, गेमिंग और वीएफएक्स जैसी आधुनिक तकनीक आधारित प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। इससे युवा भविष्य की तकनीकी नौकरियों के लिए तैयार होंगे और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। उद्योग, एमएसएमई और रोजगार उन्होंने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के लिए 10,000 करोड़ रुपये का एमएसएमई विकास कोष बनाया गया है, जिससे कुटीर उद्योग, हस्तशिल्प, हथकरघा, चमड़ा और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्रों को मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही देशभर में 200 पुराने औद्योगिक क्लस्टरों के आधुनिकीकरण से परंपरागत उद्योगों को नई तकनीक और वैश्विक बाजारों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। स्वास्थ्य और जीवनरक्षक दवाएं उन्होंने कहा कि बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र को भी प्राथमिकता दी गई है। कैंसर और गंभीर बीमारियों में उपयोग होने वाली 36 जीवनरक्षक दवाओं पर सीमा शुल्क में छूट से आम जनता के इलाज का खर्च कम होगा। इसके साथ ही बायोफार्मा शक्ति योजना से फार्मा और मेडिकल डिवाइस निर्माण को बढ़ावा मिलेगा। पर्यटन और रोजगार उन्होंने कहा धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 10,000 टूर गाइड को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे काशी, अयोध्या, मथुरा और प्रयागराज जैसे पर्यटन स्थलों पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उत्तर प्रदेश के लिए विशेष रूप से लाभकारी बजट उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 उत्तर प्रदेश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, रेलवे आधुनिकीकरण, राष्ट्रीय राजमार्ग, मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स और फ्रेट कॉरिडोर से प्रदेश को लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित किया जाएगा। गंगा नदी पर राष्ट्रीय जलमार्ग के अंतर्गत वाराणसी में इनलैंड वॉटरवे शिप रिपेयर इकोसिस्टम की स्थापना से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। पूर्वांचल और बुंदेलखंड जैसे पिछड़े क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में यह बजट निर्णायक भूमिका निभाएगा। साथ ही शहरों को आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने से उत्तर प्रदेश निवेश और स्टार्टअप का प्रमुख केंद्र बनेगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता ने उपस्थित समस्त पत्रकार बंधुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 जनकल्याण, विकास और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक सशक्त और ऐतिहासिक कदम है। इस अवसर पर सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष शारदेन्दु पाठक, जिला महामंत्री एमपी सिंह राजपूत, अनुभव उपाध्याय उपस्थित रहे।

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