स्वामी शुकदेवानंद कॉलेज में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने को कार्यक्रम हुआ
शाहजहांपुर।स्वामी शुकदेवानंद कॉलेज, में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय सेवा योजना एवं सड़क सुरक्षा प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसी क्रम में महाविद्यालय परिसर एवं आस-पास के क्षेत्रों में एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया, जिसका निर्देशन डॉ. अरुण कुमार यादव कार्यक्रम अधिकारी राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा किया गया। यह कार्यक्रम उच्च शिक्षा विभाग एवं शासन के निर्देशों के क्रम में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य छात्र-छात्राओं एवं आम नागरिकों को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करना था। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, मोबाइल फोन का प्रयोग न करने, यातायात संकेतों का पालन करने तथा नशे में वाहन न चलाने जैसे महत्वपूर्ण संदेश दिए गए। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) राजेश कुमार आजाद ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा—
सड़क सुरक्षा केवल कानून का विषय नहीं, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है। इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम युवाओं को संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनाते हैं। डॉ. अरुण कुमार यादव एवं स्वयंसेवकों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक समाज को यह सशक्त संदेश देता है कि थोड़ी-सी सावधानी अनेक जिंदगियाँ बचा सकती है। कॉलेज भविष्य में भी ऐसे सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यक्रमों को निरंतर प्रोत्साहित करता रहेगा। नुक्कड़ नाटक में एनएसएस के स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने अपने सशक्त अभिनय के माध्यम से आम जनता को यह समझाया कि यातायात नियमों की अनदेखी जानलेवा हो सकती है। नाटक को देखने के लिए बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ, शिक्षकगण एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे और सभी ने कार्यक्रम की प्रशंसा की। कार्यक्रम में महाविद्यालय के कई शिक्षकों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई तथा विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। शिक्षकों के मार्गदर्शन एवं सहयोग से यह आयोजन अत्यंत सफल रहा। डॉ. अरुण कुमार यादव ने अपने उद्बोधन में कहा कि सड़क सुरक्षा केवल नियम नहीं, बल्कि जीवन रक्षा का माध्यम है। यदि प्रत्येक नागरिक थोड़ी-सी सावधानी बरते और नियमों का पालन करे, तो अनेक दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे स्वयं जागरूक बनें और समाज में भी जागरूकता फैलाएँ। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई गई तथा यह संकल्प लिया गया कि भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे।













































































