स्वामी चिन्मयानंद ने किया पुस्तक “वाङ्मय” का विमोचन

WhatsApp Image 2026-01-15 at 6.54.26 PM (1)
WhatsAppImage2024-05-04at205835
previous arrow
next arrow


शाहजहांपुर। भारतीय संगीत की सघन परंपरा, उसकी साधना और शास्त्रीय गरिमा को शब्दबद्ध करती एक महत्वपूर्ण कृति का विमोचन आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक गरिमा के वातावरण में सम्पन्न हुआ। डा. कविता भटनागर एवं डा. श्रीकांत मिश्रा द्वारा संपादित भारतीय संगीत पर आधारित पुस्तक “वाङ्मय” का विमोचन मुमुक्षु शिक्षा संकुल के मुख्य अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती ने किया ।

ReferralCodeLLVR11
previous arrow
next arrow
WhatsAppImage2024-06-13at1242061
previous arrow
next arrow
WhatsAppImage2025-06-11at40003PM
previous arrow
next arrow


इस अवसर पर स्वामी चिन्मयानंद ने कहा कि भारतीय संगीत केवल स्वर और ताल का संयोजन नहीं, बल्कि आत्मा की अनुभूति और ब्रह्म से संवाद का माध्यम है। वाङ्मय जैसी कृतियाँ इस आध्यात्मिक-सांस्कृतिक धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का सेतु बनती हैं। एस एस कालेज के सचिव डा. अवनीश मिश्रा ने कृति को भारतीय संगीत साहित्य में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए इसे शोधार्थियों, साधकों और रसिकों के लिए समान रूप से उपयोगी बताया।
संपादक डा.कविता भटनागर ने कहा कि साहित्य, कला एवं संगीत से रहित समाज की परिकल्पना नहीं की जा सकती।
उन्होंने कहा कि वाङ्मय में नाद-ब्रह्म की अवधारणा, रागों की दार्शनिकता, संगीत की साधना परंपरा और उसके सांस्कृतिक प्रभावों को साहित्यिक सौंदर्य के साथ प्रस्तुत किया गया है। डा. श्रीकांत मिश्रा ने बताया कि इस पुस्तक से विद्यार्थी, शिक्षक तथा साहित्य, कला तथा संगीत के रसिक लाभान्वित होंगे, ऐसा मेरा मत है।
। विमोचन कार्यक्रम में डा. आलोक कुमार सिंह, सुयश सिन्हा,ममता सिंह सहित तमाम शिक्षक मौजूद रहे।

WhatsAppImage2024-10-20at41111PM1
previous arrow
next arrow
WhatsAppImage2023-04-17at53854PM4
previous arrow
next arrow

You may have missed

Home
Live TV
VIDEO NEWS
Verified by MonsterInsights