संकल्प का बीज से फूटा शैक्षिक उन्नयन का अंकुर : स्वामी चिन्मयानंद
वर्ष 1989 में जब मैंने शाहजहांपुर में शिक्षा को लेकर अपने संकल्प को एक यात्रा का रूप दिया था तब संसाधन नितांत सीमित थे और परिस्थितियां भी अनुकूल नहीं थीं। किंतु सतत आगे बढ़ने का साहस एवं जनमानस की अपेक्षाएं मुझे बाधाओं को दरकिनार करते हुए आगे बढ़ाने की प्रेरणा देती रहीं और संकल्प का जो बीज मैंने बोया था, आज वह सफलतापूर्वक अंकुरित हो चुका है। उक्त उदगार मुमुक्षु शिक्षा संकुल के मुख्य अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती के मुखारविंद से अभिव्यक्त हो रहे थे।

ज्ञात हो कि विगत 14 जनवरी को जब स्वामी शुकदेवानंद राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना के अध्यादेश को राज्यपाल की मंजूरी मिली है, उसी क्षण से पूरे शिक्षा संकुल में अपार खुशी एवं गर्व का माहौल बना हुआ है। संकुल की सभी संस्थाओं के शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के द्वारा पूज्य स्वामी चिन्मयानंद को इस अभूतपूर्व उपलब्धि हेतु बधाई देने के उद्देश्य से एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्वामी जी ने भावुकतापूर्ण एवं आशीषमय उद्बोधन से सभी को अभिसिंचित किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 में जब माननीय मुख्यमंत्री महोदय के द्वारा संकुल को विश्वविद्यालय के रूप में उच्चीकृत करने का प्रस्ताव रखा गया था, तब से लेकर अब तक की यात्रा अनेक अनुकूल एवं प्रतिकूल परिस्थितियों से होकर गुजरी है। किंतु यह ब्रह्मलीन स्वामी शुकदेवानंद जी की साधना का प्रतिफल है कि परमार्थ के इस संकल्प को प्रत्येक कदम पर साहस एवं ऊर्जा प्राप्त होती गई और साधनों की सीमित उपलब्धता के बावजूद भी आज महाविद्यालय विश्वविद्यालय के रूप में परिणत हो चुका है। इस नवीन यात्रा के साथ उन्होंने संकुल के प्रत्येक शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी से शाहजहांपुर को भविष्य में विश्वपटल पर स्थापित करने का आह्वान किया।

प्रबंध समिति के सचिव प्रो अवनीश मिश्र ने कहा कि भगवान भास्कर महाराज के उत्तरायण में आते ही संस्था का भी उच्चीकरण हो जाना निश्चित रूप से शाहजहांपुर के शैक्षिक भविष्य के लिए एक शुभ संकेत है। प्राचार्य प्रो आर के आजाद के द्वारा पूज्य स्वामी जी को पुष्पगुच्छ भेंटकर सम्मानित किया गया एवं स्वागत भाषण दिया गया। डॉ विकास खुराना, डॉ श्रीकांत मिश्र एवं डॉ आदर्श पांडेय के द्वारा स्वामी जी को सरोपा ओढ़ाकर सम्मानित किया। उपप्राचार्य प्रो अनुराग अग्रवाल के संचालन में हुए कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन प्रो जयशंकर ओझा ने किया। कार्यक्रम में प्रो आदित्य कुमार सिंह, प्रो प्रभात शुक्ला, प्रो मीना शर्मा, प्रो आलोक मिश्र, डॉ आलोक कुमार सिंह, डॉ कमलेश गौतम, डॉ शिशिर शुक्ला, डॉ पवन गुप्ता, डॉ अनिल कुमार, डॉ संदीप अवस्थी, डॉ मृदुल शुक्ला सहित दोनों संस्थाओं के समस्त शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।













































































