बरेली। यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र एवं जनपद सोनभद्र के किसानों की चकबंदी, भूमि अधिग्रहण और मुआवजे से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति ने 5 जनवरी को प्रदेशभर में एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। इस क्रम में बरेली में मंडल अध्यक्ष रनवीर सिंह फौजी के नेतृत्व में किसानों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। भाकियू लोक शक्ति के पदाधिकारियों ने बताया कि सोनभद्र के ग्राम भैंसावर तथा यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के ग्राम रौनीजा में किसान पिछले छह माह से धरने पर बैठे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का कोई समाधान नहीं किया गया है, जिससे किसानों में भारी आक्रोश है। किसानों का कहना है कि यमुना एक्सप्रेस-वे परियोजना से प्रभावित लोगों को न तो अभी तक आवासीय प्लॉट मिले हैं और न ही उचित मुआवजा दिया गया है। किसान संगठन ने मांग की कि प्रभावित किसानों को आवासीय भूखंड व अतिरिक्त मुआवजा दिया जाए और नवीन भूमि अधिग्रहण नियमों के अनुसार 20 प्रतिशत विकसित भूमि उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही गौतमबुद्ध नगर सहित सभी जनपदों में सर्किल रेट बढ़ाने, तीनों प्राधिकरणों में किसानों को 10 प्रतिशत आवासीय भूखंड देने तथा आबादी के निस्तारण व बैकलीज की कार्रवाई की भी मांग की गई। इसके अलावा जिन किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है, उन्हें वर्तमान दरों पर भुगतान किया जाए तथा सोनभद्र के भैंसावर गांव में चकबंदी के दौरान हुई कथित गड़बड़ियों की स्वतंत्र जांच कराई जाए। संगठन ने जबरन स्मार्ट मीटर, बिजली के निजीकरण और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रदूषण फैलाने वाले क्रेशर प्लांट व ईंट-भट्ठों के विरोध की भी मांग उठाई। किसानों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।