बांग्लादेश व भारत में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार के विरोध में किया प्रदर्शन
बरेली। बांग्लादेश और भारत में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों के विरोध में समाजवादी पार्टी की नेत्री एवं समाजसेविका समयुन खान के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन जिला अधिकारी कार्यालय में एडीएम सिटी को सौंपा।
इस अवसर पर समयुन खान ने कहा कि हाल के दिनों में बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों की जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, वे पूरी मानवता को शर्मसार करने वाली हैं। धर्म के आधार पर लोगों को निशाना बनाकर हिंसा की जा रही है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यदि कोई भी निर्दोष व्यक्ति अपनी जान गंवाता है तो वह पूरी मानवता की हार होती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भारत, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश में भी कुछ हिंसक और कट्टरपंथी समूह धर्म के आधार पर निर्दोष लोगों के खिलाफ हिंसा, लिंचिंग और उत्पीड़न जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं, जो देश की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
ज्ञापन में मांग की गई कि केंद्र सरकार बांग्लादेश सरकार से आधिकारिक बातचीत कर वहां अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे। विदेश मंत्रालय के माध्यम से इस मामले में ठोस कदम उठाए जाएं। साथ ही बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना व उनकी बेटी को भारत में संरक्षण दिए जाने पर भी आपत्ति जताते हुए उन्हें वापस भेजने की मांग की गई।
इसके अलावा बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई तथा भारत व उत्तर प्रदेश में सक्रिय हिंसक संगठनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग भी की गई।
ज्ञापन सौंपते समय सूरज यादव , सतीश यादव , नामी शरण , मनोज कुमार , हरवीर गुर्जर, नोशाद भाई , मुकेश , सुभाष गुर्जर, अमर काले बाल्मीकि , नीरज बाल्मीकि , अमरीश यादव रणधीर यादव , विनोद यादव , रितिक यादव आदि मौजद रहे।













































































