जागरुकता परेड निकालकर किया एचआईवी पर सशक्त प्रहारविश्व एड्स दिवस पर अवंतीबाई कॉलेज से निकली वृहद जागरुकता परेड
बरेली। विश्व एड्स दिवस के अवसर पर सोमवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. इंतजार हुसैन के नेतृत्व में जनजागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान अवंतीबाई कॉलेज से एक वृहद जागरुकता परेड निकाली गई, जिसमें छात्राएं, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), एनसीसी इकाइयों के स्वयंसेवक, एनजीओ प्रतिनिधि व कॉलेज स्टाफ ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। डॉ. इंतजार हुसैन ने बताया कि हर वर्ष 1 दिसंबर को विश्व एड्स दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष की थीम “बाधाएँ दरकिनार, एचआईवी पर सशक्त प्रहार” है। उन्होंने कहा कि एड्स के प्रति जागरुकता बढ़ाना, पीड़ितों के प्रति समर्थन व उनके अधिकारों की रक्षा करना इस दिवस का उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक एचआईवी मरीज के लिए 6 माह तक टीबी से बचाव की दवा लेना अनिवार्य है, क्योंकि कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली के कारण उन्हें टीबी होने का खतरा कई गुना अधिक रहता है। परामर्शदाता श्रीमती नीरज ने एड्स फैलने के मुख्य कारणों की जानकारी देते हुए बताया कि असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित सुई, संक्रमित रक्त चढ़ाना और संक्रमित गर्भवती महिला से बच्चे में संक्रमण इसके प्रमुख कारण हैं। उन्होंने कहा कि वर्षों तक बिना उपचार के रहने पर एचआईवी एड्स में बदल जाता है, जिससे शरीर रोगों से लड़ने की क्षमता खो देता है। कार्यक्रम में कॉलेज के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं और स्टाफ मौजूद रहा। परेड में दिशा क्लस्टर, जिला क्षय रोग केंद्र का स्टाफ भी सम्मिलित रहा।
एचआईवी के प्रमुख लक्षण:
वजन कम होना
एक महीने से अधिक बुखार
लंबे समय तक दस्त
एड्स के प्रमुख लक्षण:
लगातार खांसी
चर्म रोग
मुंह व गले में छाले
लसिका ग्रंथियों में सूजन
याददाश्त में कमी
मानसिक व शारीरिक क्षमता में कमी
टीबी के लक्षण:
दो सप्ताह से अधिक खांसी
सीने में दर्द व बुखार
अत्यधिक कमजोरी
भूख न लगना
बलगम में खून आना













































































