बदायूं। बौद्ध अध्ययन एवं सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने पर बदायूं के डीएम रोड निवासी सेवानिवृत शिक्षक राधेलाल को डॉक्टरेट की मानद डिग्री प्रदान की है । 17 अप्रैल को वर्ल्ड कल्चर एण्ड एनवायरनमेंट प्रोटेक्शन कमीशन द्वारा दिल्ली में आयोजित समारोह में राधेलाल को डिग्री प्रदान की गई थी । सम्मान प्राप्त करने के बाद यहां पहुंचे राधेलाल ने बताया कि इस समारोह में साहित्य, संस्कृति, पर्यावरण, सामाजिक कार्य एवं बौद्ध अध्ययन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली विभूतियों को सम्मानित किया गया। बताया कि उन्होंने एक शिक्षक के रूप में पर्यावरण, बालिका शिक्षा, भारतीय संस्कृति,सामाजिक विषमताओं, रूढ़िवादी विचारधाराओं पर सदैव अपनी बात रखी है और इन कार्यों के प्रति सदैव संघर्षशील रहे हैं। बौद्ध संस्कृति व बौद्ध अध्ययन में सदैव से उनकी गहरी रुचि रही है। और तथागत बुद्ध के उपासक हैं। भगवान बुद्ध के काल की भारतीय संस्कृति के सदैव प्रशंसक रहे हैं। कहा कि शिक्षक रहते हुए और सेवानिवृत्ति के बाद भी सरकार के द्वारा चलाए जा रहे “बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ” के प्रबल समर्थक रहे हैं तथा बेटियों की उत्तरोत्तर प्रगति के प्रति सदैव आवाज उठाते रहे हैं और भविष्य में भी देश तथा सामाजिक उत्थान के प्रति कृत संकल्पि रहेंगे। राधेलाल ने बड़े ही भावनात्मक रूप से कहा कि वर्ल्ड कल्चर एंड एनवायरमेंट प्रोटक्शन कमिशन अर्थात ” विश्व संस्कृति एवं पर्यावरण संरक्षण आयोग” का मैं सदैव ऋणी रहूंगा और इस संस्था का आभारी रहूंगा कि उन्होंने मुझे सम्मानित करने का निर्णय लेकर मुझे गौरवान्वित किया। इधर डॉक्टरेट की मानद डिग्री मिलने पर लोगों ने बधाई और शुभकामनाएं दी है ।