पृथ्वी की सनस्क्रीन है ओजोन परत: फरहान
बरेली। विश्व ओजोन दिवस पर एफ आर इस्लामिया इंटर कॉलेज में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य तौकीर सिद्दीकी ने की। कार्यक्रम के संयोजक भौतिक विज्ञान प्रवक्ता फरहान अहमद ने बताया कि हर साल विश्व ओज़ोन दिवस वर्तमान चुनौतियों और प्रगति पर ध्यान केंद्रित करने के लिए एक अनूठी थीम पर मनाया जाता है। 2025 की थीम “जीवन के लिए ओज़ोन” है । ओजोन परत का संरक्षण न केवल एक वैश्विक जिम्मेदारी है, बल्कि यह एक उपहार है जो हम भावी पीढ़ियों को देते हैं। पृथ्वी के चारों तरफ ओजोन परत बहुत तेजी से घट रही है। ओज़ोन परत पृथ्वी की सनस्क्रीन है। एयर कंडीशनर और रेफ्रिजरेटर से निकलने वाली क्लोरोफ्लोरोकार्बन ओजोन परत के लिए बेहद हानिकारक है। हमें रोजमर्रा की जिंदगी में रेफ्रिजरेटर और एयर कंडीशनर का इस्तेमाल कम करने की कोशिश करनी होगी। अल्ट्रावायलेट किरणें जमीन तक पहुंच रही हैं। इससे न सिर्फ त्वचा झुलसने के मामले बढ़े हैं, बल्कि स्किन कैंसर व आंखों के संक्रमण के रोग बढ़े हैं। छोटे-छोटे कदम बड़े बदलाव लाते हैं। एक उज्ज्वल कल के लिए आज ही ओज़ोन परत की रक्षा करें। हम सब मिलकर ओजोन परत को ठीक कर सकते हैं और भावी पीढ़ियों के लिए जलवायु की सुरक्षा कर सकते हैं। प्रधानाचार्य तौकीर सिद्दीकी ने कहा कि प्रदूषण और मौसमी बदलावों की वजह से ओजोन परत को और ज्यादा नुकसान पहुंच सकता है। ऐसी स्थिति में दक्षिणी ध्रुव की बर्फ तेजी से गलने लगेगी। समुद्रों का जलस्तर बढ़ने लगेगा। तटीय इलाकों के डूबने से करोड़ों लोगों को विस्थापित होना पड़ेगा। ऐसा संकट समुद्री सीमा वाले देशों और उनके पड़ोसी देशों का आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक ढांचा बिगाड़ कर रख देगा। वर्तमान स्थिति को देखते हुए हमें जागरूक होने की बहुत जरूरत है। इस मौके पर एक निबंध प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया जिसमें कक्षा 12 के शायान हसन ने प्रथम, देव कुमार द्वितीय तथा काशान ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।













































































